जमनीकोला गांव में पुलिस तैनात

– घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
कामिल की रिपोर्ट
बसंतराय: प्रखंड के जमनीकोला गांव में व्याप्त तनाव के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उपद्रवियों के हमले का शिकार बने दामोदर मिश्र के परिवार की सुरक्षा के लिए घर के आगे पुलिस पहरा दे रही है। स्थानीय विधायक अमित मंडल ने कहा है कि गांव में जिस तरह एक गरीब परिवार के घर को सैकड़ों लोगों द्वारा घेरकर मारपीट की गई, बहू बेटी को बेइज्जत किया गया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रवियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से गलत संदेश जा रहा है।
मालूम हो कि शनिवार को गांव के अमरकांत यादव नामक व्यक्ति की घास काटने के दौरान बिजली करंट मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों एवं जातिवादी मानसिकता से ग्रसित उपद्रवियों ने दामोदर मिश्र को मौत का जिम्मेवार हराकर उनके साथ मारपीट की थी। उनके घर को घेर कर परिवार की बहू बेटी तक को बेइज्जत किया गया। घटना की सूचना मिलने पर बसंतराय थाना से गए एक एएसआई को उपद्रवियों ने निशाने पर लेते हुए मारपीट की थी। जिस तरह कानून को अपने हाथ में लेकर स्थानीय थाना के एक एएसआई के साथ मारपीट की गई, एक संभ्रांत परिवार के घर को चारों तरफ से घेर कर मारपीट एवं परिवार की एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार को अंजाम दिया गया, उसके कारण कानून के राज पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। उपद्रवियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है।
इस बीच स्थानीय विधायक अमित मंडल ने कहा है कि जमनीकोला के गरीब परिवार दामोदर मिश्र के घर को जिस तरह से हजारों लोगों द्वारा घेर कर मारा गया, बहू बेटी को बेइज्जत किया गया, वह कहीं से भी न्याय संगत नहीं है।
विधायक श्री मंडल ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि पुलिस घटनास्थल पर जाती है और मार खाकर आ जाती है और पॉलीटिकल प्रेशर के कारण उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं होती है, जो गोड्डा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
इस घटना पर रविवार को विधायक ने एसपी से बात कर भयभीत परिवार को पुलिस सुरक्षा देने को कहा। विधायक ने कहा किदोनों पक्षों के साथ बिना भेदभाव के न्याय हो यह मेरी प्राथमिकता है। किसके प्रेशर पर पुलिस काम कर रही है, यह भी सार्वजनिक हो।गोड्डा में आतंक का राज नहीं चलेगा!
गौरतलब है कि शनिवार की घटना के बाद जमनीकोला गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। उपद्रवियों के आतंक से निपटने के लिए चार थानों की पुलिस गांव पहुंची थी। उसके बाद ही देर रात लाश का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा जा सका था। रविवार को एसपी के आदेश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद मोहन सिंह मामले की जांच के लिए गांव पहुंचे थे। उन्होंने स्वीकार किया था कि प्रथम दृष्टया अमरनाथ यादव की मौत का कारण बिजली का करंट है। एएसआई पर उपद्रवियों के हमले के बाबत एसडीपीओ ने यह कह कर चौंका दिया था कि गलतफहमी में पुलिस पर हमला किया गया था।
इस बीच मामला तूल पकड़ने पर सोमवार को उपद्रवियों के हमले का निशाना बने एएसआई के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं उपद्रवियों के हमले के कारण पीड़ित महिला लकी मिश्रा के बयान पर ज्ञात एवं अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।