महिलाओं को कानून से संबंधित जानकारी देने के लिए कार्यक्रम का हुआ आयोजन

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली व झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वाधान में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार योगेश्वर मणि के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय गढ़वा परिसर में जिले के उच्च विद्यालय की शिक्षिकाओं को महिलाओं से संबंधित कानून की जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री संदीप निशित बाड़ा, अधिवक्ता मिस तृप्ति, अधिवक्ता मंजू शुक्ला एवं मुख्य वक्ता के रूप में स्थाई लोक अदालत के सदस्य श्री राकेश कुमार त्रिपाठी उपस्थित थे। उपस्थित महिला शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए अधिवक्ता तृप्ति ने महिलाओं से संबंधित कई कानूनों के बारे में जानकारियां दी, वही अधिवक्ता मंजू शुक्ला ने महिलाओं को जागरूक होकर अपने हक व अधिकारों को प्राप्त करने के बारे में संवैधानिक जानकारियां दी। स्थाई लोक अदालत के सदस्य राकेश कुमार त्रिपाठी ने किशोर न्याय बालकों का देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015 इस निमित्त निर्मित नियम एवं मध्यस्था से संबंधित एवं स्थाई लोक अदालत के द्वारा चयनित किए जाने वाले मामलों तथा मध्यस्था से संबंधित एवं पोक्सो कानून के बारे में उपस्थित शिक्षिकाओं को विस्तृत जानकारी दिया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव संदीप निशित बाड़ा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। इस दौरान उपस्थित महिला शिक्षिकाओ द्वारा इस कानून के बारे में आग्रह पर श्री त्रिपाठी ने पोक्सो कानून के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के लिए ऐसा कानून पहले कभी नहीं था और इस कानून की खासियत यह है कि यह स्त्री और पुरुष बच्चों में विभेद नहीं करता। यदि किसी नाबालिक पुरुष बच्चे के साथ कोई महिला कोई सेक्सुअल ऑफेंस करती है तो भी वह इस कानून के दायरे में आएगी। वहीं यदि कोई महिला बच्चों के साथ कोई सेक्सुअल एब्यूज करती है अथवा मोबाइल/ संचार माध्यमों से भी उन्हें उत्तेजित करने वाले शब्द या अंग प्रदर्शित किए जाते हैं तो भी वे इस कानून के अंतर्गत आएंगे और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने शिक्षिकाओं से आग्रह किया कि आप समाज सेवा के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार प्रसार करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबकि उपाध्यक्ष उपायुक्त एवं सदस्य पुलिस अधीक्षक होते हैं। इस प्रकार कार्यपालिका विधायिका को मिलजुल कर काम करने का समय आ गया है। कई शिक्षकों द्वारा पूछे गए सवालों का श्री त्रिपाठी द्वारा बहुत ही सहज शब्दों में जवाब देते हुए उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा भेजे गए शिक्षिकाओं के अलावा न्यायालय कर्मी प्रमोद कुमार दुबे, पी०एल०वी० सूर्य देव चौधरी, राजेश कुमार के अलावे बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता मिस तृप्ति ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन उच्च विद्यालय की शिक्षिका सुनीता सिंह ने किया।