जर्जर सड़क निर्माण को लेकर जनाक्रोश का उमड़ा जन सैलाव

10 किलोमीटर तक मानव श्रृंखला बनाकर लोगों ने जताया विरोध

आजादी के बाद इतना बड़ा आंदोलन पहली बार करते ग्रामीण

इचाक से कुलदीप कुमार की रिपोर्ट

इचाक: इचाक टू खैरा भाया डाढ़ा पथ की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के करीब 40 गांवों के हजारों लोग सड़क पर उतरकर विरोध जताया। मानव शृंखला कार्यक्रम डाढ़ा से लेकर इचाक प्रखण्ड मुख्यालय तक करीब 10 किलोमीटर में क्षेत्र के करीब 40 गांवों के हजारों लोग मानव श्रृंखला बनाया। जिसमे बच्चे, बूढ़े, नौजवान तथा महिलाएं सुबह नौ बजे से ही सड़क पर आना शुरू कर दिये थे।

इचाक टू खैरा भाया डाढ़ा पथ निर्माण संघर्ष समिति के पदादिकरियो ने विधि व्यवस्था में बाधा न पड़े ईसके लिए। गांव गांव में भ्रमण कर मानव शृंखला बनाने में जुटे रहे। इस क्रम में प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक के विभिन्न दल के नेताओं ने कार्यक्रम में शामिल हुए और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाने का काम किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण और जन प्रतिनिधियों ने विधायक, सांसद, और झारखंड सरकार हाय हाय, झारखंड सरकार होस में आओ के नारे भी लगा रहे थे। सड़क को आरईओ से पीडब्लूडी में स्थानांतरित कर नए सिरे से निर्माण की मांग भी कर रहे थे।

गांव गांव में बनाया मानव श्रृंखला: जर्जर सड़क निर्माण को लेकर पांच पंचायत के सड़क में पड़ने वाले गांवों के सभी लोग अपने अपने गांव के मुख्य सड़क किनारे सामाजिक दूरी का पालन करते हुए चिलचिलाती धूप मेंखड़े होकर विरोध जताया। जिसमे बच्चों और महिलाओं को इस आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते देखा गया। इस क्रम में सभी बच्चे एवं महिलाएं हाथों में झंडा तो कीसी ने जर्जर सड़क के खिलाफ लिखी तख्तीयां भी लिए हुए थे। हाथों में लिए तख्तियां में जर्जर सड़क को अविलंब बनाया जाय। तख्ती में पथ को पीडब्लूडी में शामिल कर अविलम्ब निर्माण करने, समेत कई स्लोगन लिखा हुआ था।

ट्रैक्टर से हल जोतकर भी लोगों ने जताया विरोध: मानव श्रृंखला कार्यक्रम में आक्रोशित किसानों व ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढो में भरे पानी मे ट्रैक्टर से हल जोतकर सड़क की जर्जरता का विरोध जताया।

क्या कहते हैं आयोजन समिति के अध्यक्ष: समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता ने कहा कि पिछले कई वर्षों से जर्जर सड़क की दुर्दशा से झेल रहे ग्रामीणों की समस्या को लेकर करीब 20 दिन पूर्व दर्जनो गांवों के ग्रामीणों की एक बैठक कर चरण वध आंदोलन की रणनीति तय की गई थी। जिसके आधार पर पहला कार्यक्रम दस किलोमीटर तक मानव श्रृंखला बनाकर सरकार तक जर्जर सड़क से बेहाल ग्रामीणों की समस्या सरकार तक पहुचने का काम किया गया है। यदि सरकार द्वारा ध्यान नही दिया गया तो अनिशिचितकालीं धरना प्रदर्शन, आमरण अनसन, राष्ट्रीय राज मार्ग को अवरुद्ध करने जैसे कर्यक्रम आयोजित की जाएगी।

इसके अलावा समिति के इंद्रदेव मेहता, अशोक यादव, अर्जुन मेहता, रमेश हेमरोम, बसंत नरायन मेहता, कुशलचंद मेहता, मन्टुलाल दास, बीरबल मेहता, अनिल राणा, अंजू यादव, नन्दू मेहता, अनिल मेहता, प्रेमलाल मेहता, अशोक मेहता, सुनील तलवार, हरिहर मेहता, राजकुमार राम, लोकनाथ महतो, सुरेंद्र मेहता, गंगेश्वर मेहता, सुरेश मेहता, पूर्व विधायक प्रतिनिधि रंजीत मेहता ,दयानन्द कुमार मेहता, बसंत मेहता, बबिता देवी
ने कहा कि जर्जर सड़क को अविलम्ब पीडब्लूडी में शामिल कर नए सिरे से निर्माण करने की मांग किया है। यदि इस पर ध्यान दिया गया तो तय आंदोलन को सुनियोजित तरीके से की जाएगी।
क्या कहते हैं राजनैतिक दल के नेता:- भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि इस सड़क के बारे में सरकार को कई बार चिठी लिखी गयी है। जब सरकार की नींद नही खुली तो आज क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरकर विरोध जताने की काम की। इसके बाद भी तत्काल जनता की मांग पूरी नही की जाएगी तो वृहद पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी के प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ आरसी प्रसाद मेहता ने कहा कि सड़क की मांग को लेकर सरकार को अवगत कराया गया है।

कांग्रेस नेता दिगम्बर मेहता ने कहा कि यह क्षेत्र के किये व बनवाने की काम करे।

जीप प्रातिनिधि सह भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके मेहता ने कहा कि इस क्षेत्र की गम्भीर समस्या है। इसे सरकार अविलम्ब पीडब्लूडी में शामिल कर बनवाने की काम करे।