संगठन में क्रूरता के लिए जाना जाता था रमेश उर्फ आजाद, बिहार-झारखंड में बोलती थी तूती

चतरा। बिहार-झारखंड में करीब 20 वर्षों से भाकपा माओवादी संगठन में सक्रिय गिरफ्तार रमेश गंझू उर्फ आजाद क्रूर नक्सली के रूप में जाना जाता था। झारखंड के कौलेश्वरी व बिहार के मगध जोन के इस रीजनल कमेटी सदस्य के नाम की क्षेत्र व संगठन में तूती बोलती थी। दोनो राज्य के प्रभाव वाले क्षेत्र में वकास कार्यों में लगे ठेकेदारों से लेवी वसूली का काम कर रहा था। वर्ष 2011-12 में आजाद के नेतृत्व में लातेहार के बूढापहाड़ी जंगली क्षेत्र में माओवादियों ने गश्ती दल पर हमला कर दो पुलिस कर्मियों को शहीद करने के साथ राइफल लूट लिए थे। वर्ष 2011 में ही इसी के नेतृत्व में माओवादियों ने पलामू-पांकी थाना क्षेत्र के मतनाग गांव के पास हमला कर तीन पुलिसकर्मियों को मारकर एक एके-47, एक एक्स-95 राइफल, छह मैग्जीन, एक ग्रेनेट लूट कर भाग गए थे। हालांकी उस घटना में दो माओवादी भी मारे गए थे। वहीं मार्च 2012 में भी इसी के नेतृत्व में लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरागी टोंगरी पर हमला कर तीन पुलिसकर्मियों को मारकर पांच राइफल तथा छह सौ कारतूस लूट लिए गए थे। वर्ष 2013 में बिहार के औरंगाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस कैंप पर हमला कर दिया था। जिसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे और नक्सलियों ने तीस राइफल लूट लिया था। वर्ष 2013 में ही आजाद के नेतृत्व में लातेहार के बरवाडीह थाना क्षेत्र के अमुआ टीकर जंगल में देर रात हमलाकर 14 पुलिसकर्मियों को शहीद करते हुए सभी के हथियार लूट लिए थे। साथ ही क्रुरता की हद पार कर सभी पुलिसकर्मियों के पेट को चीरकर आईईडी बम पलांट कर दिया था। अगस्त 2014 में पलामू के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में आजाद के नेतृत्व में टीएसपीसी उग्रवादियों पर हमलाकर 16 की हत्या कर दी थी। 2016 में गया जिले के आमस थाना क्षेत्र में चौकीदार राजेश्वर पासवान की हत्या भी गिरफ्तार नक्सली आजाद के नेतृत्व में कर दी गई थी। ऐसे में इस खुंखार नक्सली की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। डीआईजी ने बताया कि सरकार द्वारा गिरफ्तारी नक्सली के लिए घोषित 15 लाख रुपये इनाम की राशि छापेमारी दल में शामिल पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा।