रांची उपायुक्त का यू टर्न लेना उनकी अदूरदर्शिता को दर्शाता है : अजय राय

रांची: ज्ञापांक 1797 दिनांक 24 /6/ 21 को निकाली गए रांची उपायुक्त के द्वारा आदेश को वापस लिए जाने से राजधानी के हजारों अभिभावकों में निराशा छा गई है । अब उनके सामने बच्चों का भविष्य धूमिल होता हुआ दिखाई दे रहा है। उपायुक्त के आदेश से उनमें एक आस जगी थी कि इस कोरोना महामारी में अब सिर्फ उन्हें ट्यूसन फीस ही देना है जो किसी भी तरह जुगाड़कर पूरा किया जाएगा मगर उपायुक्त के यू टर्न लेने से काफी निरासा और हताशा हाथ लगी है । उक्त बातें झारखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष  अजय राय ने एक बयान जारी कर कही। साथ ही उन्होंने कहा कि उपायुक्त रांची के यू टर्न लिए जाने पर काफी अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि आदेश जारी करने से पहले उपायुक्त को पहले विभागीय जानकारी लेनी चाहिए थी फिर वह आदेश निकालते तो बेहतर होता । उनके द्वारा कुछ स्कूल के प्राचार्यो के साथ बैठक के उपरांत इस फैसले को वापस लेने से लोगों के बीच गलत संदेश गया है साथ ही लोग उपायुक्त को शक की दृष्टि से देखना शुरू कर दिए है कि कहीं उपायुक्त ने स्कूलों के दबाव में तो यह फैसला नहीं लिया?
अजय राय ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल कोरोना की लगातार कहर से कितने बच्चों ने अपने मां-बाप खोए है,बेरोजगारो की संख्या में बढ़ी है और आम जनता किस तरह अपना परिवार का भरण पोषन कर रही है यह अपने आप में बड़ा सवाल बन गया है जिस पर राज्य सरकार को भी सोचना चाहिए । अजय राय ने कहा कि इन परिस्थितियों में स्कूलों द्वारा अलग-अलग कई मदो में शुल्क की वसूली कितना जायज है ? उन्होंने कहा कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत रांची उपायुक्त ने शुल्क निर्धारण कमेटी का गठन किया है ।
अभी उन्हें तत्काल चाहिए था कि जिन स्कूलों के खिलाफ फीस वृद्धि की शिकायत झारखंड अभिभावक संघ व अन्य माध्यम से प्राप्त हुई है उस पर तत्काल रोक लगाने को लेकर एक आदेश जारी करते ताकि कोई भी स्कूल बढ़ी हुई फीस तब तक नही ले सकता जब तक कि उन स्कूलों के अंदर एक्ट के तहत कमेटी का गठन हो नही जाता। साथ ही उस स्कूल की कमिटी की अनुशंसा जिला की शुल्क निर्धारण कमेटी के पास आ नही जाय।
ताकि गठित कमेटी की बैठक में उसपर चर्चा हो सके और अनुमोदन होने के उपरांत ही स्कूल उसे लागू कर सकता है अन्यथा वह किसी तरह का कोई भी बढ़ा हुआ शुल्क नही ले सकता ।
अजय राय ने बताया की आज राज्य के लगभग सभी जिलों में अभिभावक संघ की जिला कमिटी की ओर से जिला के उपायुक्तों को झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत शुल्क निर्धारण कमेटी गठित करने को लेकर ज्ञापन सौपा गया। कल संघ की वर्चुल बैठक रखी गई है जिसमे आगे की रणनीति तय की जाएगी।