राशि के अभाव में ईलाज नहीं करा पा रहा है चिरिया का बलराम माइल

रामगोपाल जेना
चक्रधरपूर: सरकार द्वारा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का दावा तो करती है, लकिन जमीनी स्तर पर इसका कितना फायदा लोगों को मिल रहा है। इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मनोहरपुर प्रखंड के चिरिया बिनुवा गांव के संकरा टोला निवासी 12 वर्षीय बलराम माइल का पांच माह से ईलाज नहीं हो पा रहा है। जानकारी के मुताबिक बिनुवा गांव के संकरा टोला निवासी बलराम माइल के माता-पिता सूप बना कर किसी तरह दो वक्त की रोटी की जुगाड़ कर पाते है, करीब पांच माह पूर्व बलराम माइल का घर का धज्जा मरम्मति के दौरान गिर पड़ा था। जिस कारण उसके दाहिने हथली की में गहरी चोंटे आयी। बलराम माइल ने बताया कि वह चिरिया अस्पताल में जब एक्सरे कराया तो पता चला कि उसके हाथ की तीन उंगलियां समेत ज्वाइंट की हड्डी टूट गई है। जो अब घाव का रुप ले चुका है। उसे ईलाज के लिए चिरिया अस्पताल द्वारा मनोहरपुर भेजा गया। जहां जांच के बाद चाईबासा रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन किसी तरह उसे लेकर चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां जांच पड़ताल के बाद जमशेदपुर रेफर कर दिया गया। चाईबासा सदर अस्पताल में उसे बताया कि उसके हाथ के घाव का पहले ऑपरेशन होगा, इसके बाद उसके उंगलियों का ऑपरेशन होगा। जिसमें करीब दस हजार रुपये खर्च होंगे। माता पिता काफी गरीब है। बड़ी मुश्किल से घर में चुल्हा जलता है। ऐसी स्थिति में बच्चे का ईलाज कैसे करायेंगे, जिस कारण बलराम माइल घर पर ही अब दर्द सहने को मजबूर है। बलराम माइल छोटानागरा स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ाई करता था और अब वह टिमरा स्कूल में कक्षा छह में नाम लिखवा कर आगे की पढ़ाई करना चाहता है।लेकिन गरीबी के कारण यह भी सम्भव नहीं हो पा रहा है। बलराम ने स्थानीय प्रशासन, सांसद और विधायक सह मंत्री से गुहार लगाया है कि कोई उसकी मदद करें, ताकि पहले वह अपने हाथ का ईलाज करा सकें और बाद में पढ़ाई जारी रख सकें। बलराम ने बताया कि वह डीसी बन कर लोगों की सेवा करना चाहता है, ताकि उसके जैसे लोगों की वह मदद कर सकें।