राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत छूटे हुए लाभुकों को दिया जाएगा खाद्यान्न का लाभ

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला. वैश्विक महामारी घोषित नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के निमित लागू किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन के मद्देनजर गुमला जिले में कई गरीब एवं निर्धन परिवारों के समक्ष खाद्यान्न की कमी की स्थिति संभावित है।

वर्तमान में गुमला जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत छूटे हुए लाभुकों का राशन कार्ड बनाने हेतु आवेदन रिक्तियों के अभाव में ईआऱसीएमएस में लंबित है। संभव है कि इनमें कई आवेदक सुपात्र श्रेणी के होंगे। वर्तमान स्थिति में यह आवश्यक है कि ऐसे सुपात्र व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न रहें।

इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि रंजन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निदेश दिया है कि वैसे व्यक्ति जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्रता की श्रेणी में आते हैं, परन्तु रिक्तियां नहीं होने के कारण आच्छादित नहीं हो पाए हैं। साथ ही वैसे व्यक्ति जिनका ऑनलाईन आवेदन लंबित है, को प्राथमिकता के आधार पर प्रति परिवार 10 किलो खाद्यान्न (चावल) स्थानीय बाजार समिति की दर पर क्रय कराते हुए एक रूपये प्रति किलोग्राम की दर से संबंधित परिवार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने खाद्यान्न (चावल) का वितरण प्रखंड स्तर पर निगरानी समिति की देख-रेख में कराने का निर्देश दिया है। ज्ञातव्य है कि उपर्युक्त प्रयोजन हेतु सभी प्रखंडों को ऑनलाईन लंबित आवेदनों की संख्या के अनुरूप राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उपलब्ध कराई जा रही राशि के 75 प्रतिशत व्यय हो जाने के उपरान्त अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होने पर उपायुक्त ने अविलंब अवगत कराने का भी निर्देश दिया है।