असंगठित क्षेत्र के कामगारों का ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से निबंधन जारी

: जिलांतर्गत ई-श्रम पोर्टल पर कुल 14006 असंगठित मजदूरों का निबंधन किया जा चुका है- श्रम अधीक्षक

गुमला: झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड योजनांतर्गत ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित मजदूरों के निबंधन के संबंध में जानकारी साझा करते हुए श्रम अधीक्षक एतवारी महतो ने बताया कि उक्त योजना के तहत पूर्व माह तक 24986 श्रमिकों का निबंधन किया गया था, वहीं इस माह 39 श्रमिकों का निबंधन किया गया है। इस प्रकार गुमला जिलांतर्गत कुल निबंधित श्रमिकों की संख्या 25025 है। इसके साथ ही झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजनांतर्गत पूर्व माह तक 36133 व इस माह में 688, कुल 36801 श्रमिकों का निबंधन किया गया।

ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित मजदूरों के निबंधन के संबंध में श्रम अधीक्षक ने बताया कि जिलांतर्गत ई-श्रम पोर्टल पर कुल 14006 असंगठित मजदूरों का निबंधन किया जा चुका है। इसके साथ ही जिलांतर्गत सभी प्रखंडों में चयनित श्रमिक मित्रों द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर अधिक से अधिक श्रमिकों के निबंधन हेतु श्रमिकों को जागरूक कर निबंधन कराया जा रहा है तथा जागरूकता रथ के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित कराया जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों के लिए सरकार द्वारा निबंधन अभियान चलाकर मजदूरों को सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु मजदूरों का निबंधन अनिवार्य है। इस अभियान के तहत 16 से 59 वर्ष के श्रमिक/मजदूर जो असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वे अपना पंजीकरण प्रज्ञा केंद्रों में करा सकते हैं। सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)/ प्रज्ञा केंद्रों में निःशुल्क सेवा उपलब्ध है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का डाटाबेस तैयार करने के लिए ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। श्रम अधीक्षक ने बताया कि निबंधन के लिए मुख्य रूप से निर्माण श्रमिक, मनरेगा श्रमिक, आँगनबाड़ी सेविका/सहायिका, आशा कर्मी, रसोईया, प्रवासी मजदूर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, घरेलू कामगार, कृषि श्रमिक, मछुआरे, जल सहिया, सब्जी-फल बिक्रेता, ऑटो व रिक्शा चालक, दूध बेचने वाले, छोटे एवं सीमांत किसान, खेतीहर मजदूर, पशुपालन में लगे लोग, ईंट भट्टा और पत्थर खदानों में काम करने वाले, भवन निर्माण श्रमिक, समाचार पत्र बिक्रेता, छोटे दुकानदार, नाई, आरा मिलों में काम करने वाले, रेशम उत्पादन कार्यकर्त्ता आदि असंगठित क्षेत्र के कामगार/श्रमिक को लक्ष्य समूह के रूप में रखा गया है।
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के नेशनल डाटाबेस ऑफ अन आर्गेनाईज्ड वर्क्स कार्यक्रम के तहत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है। ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीकरण निःशुल्क है। पंजीकरण के बाद श्रमिकों व मजदूरों के यूनिक आई कार्ड बनाएं जाते है। इस यूनिक आईडी कार्ड बनते ही असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित सरकार की ओर से दी जाने वाली अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। यूनिक आईडी कार्ड के माध्यम से श्रमिकों की विभिन्न गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे है उसे भी आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुँचाई जा सकेगी। इसके साथ ही सरकार रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकेगी।

श्रम अधीक्षक ने श्रम विभाग द्वारा चलाए जाने वाले अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत श्रमिकों को दिलाए जाने वाले लाभ की जानकारी साझा करते हुए बताया कि झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 6599 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ दिलाया गया है। वहीं अबतक कुल 33926 श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा चुका है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना, मेधावी पुत्र/ पुत्री छात्रवृत्ति योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टी सहायता योजना, झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु/ दुर्घटना सहायता योजना, चिकित्सा सहायता योजना, साईकिल सहायता योजना, औजार किट सहायता योजना, पेंशन सहायता योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं साड़ी/ पैंट-शर्ट योजना शामिल है। इसी प्रकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 153 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ दिलाया गया है। वहीं अबतक कुल 5857 श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा चुका है। जिसमें मुख्य रूप से मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टी सहायता योजना, झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु/ दुर्घटना सहायता योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना शामिल है।