कोरोना के जंग में अहम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्कर्मियों के बीच सहित अन्य विषयों पर हुई समीक्षा बैठक

गुमला :भारत सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जंग में अहम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए शुरू की गई बीमा योजना की अवधि 180 दिनों यानी छह माह के लिए बढ़ा दी है।
इस निमित उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने आईटीडीए भवन स्थित अपने कार्यालय वेश्म में स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में डीपीएम द्वारा बताया गया कि कोविड-19 के संक्रमण से एवं कोविड-19 से संबंधित ड्यूटी के दौरान दुर्घटना से मृत्यु होने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के उत्तराधिकारियों को विष्यांकित योजना के अंतर्गत जीवन बीमा लाभ का प्रावधान किया गया है। गुमला जिले में ऐसे दो मामले प्रतिवेदित हैं। जिसमें कामडारा प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के सड़क दुर्घटना में मृत्यु तथा सिसई प्रखंड के चिकित्सक की मृत्यु के मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विशेष बीमा योजना के तहत 02 प्रकार के इंश्युरेंस का क्लेम किया जा सकता है। इसपर उपायुक्त ने आश्रितों को विशेष बीमा जोयना की राशि के भुगतान हेतु आवश्यक कागजातों के प्राप्त करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया, ताकि निर्धारित समयावधि के अंदर आश्रितों को राशि का भुगतान किया जा सके। इसके साथ ही उपायुक्त ने सिविल सर्जन को इस योजनांतर्गत अपेक्षित रूचि लेते हुए कोविड-19 संक्रमण से निपटने के क्रम में मृत स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों को अधिक से अधिक इस योजना का लाभ दिलाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से मिलेगी सुविधा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अंतर्गत कोविड-19 से लड़नेवाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को योजना का लाभ मिलेगा। कोरोना वायरस की रोकथाम एवं चिकित्सा में शामिल लोगों को विशेष बीमा योजना की सुविधा दी जाएगी। योजना के अनुसार कोई भी चिकित्सा कर्मी जो कोविड-19 के मरीज के चिकित्सा के क्रम में किसी दुर्घटना का शिकार होता है तो उन्हें 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

देना होगा दावा प्रपत्र

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत वह चिकित्साकर्मी जो कोरोना के रोकथाम व चिकित्सा कार्य से जुड़ा है, उसे विशेष बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। योजना के मुताबिक यदि कोई कर्मी कोरोना संक्रमित होकर किसी भी दुर्घटना का शिकार होता है तो उसे 50 लाख की बीमा की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। बीमा योजना के लाभ के लिए दावा प्रपत्र देना होगा।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज इंश्युरेंस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के तहत आने वाले अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा सहायकों, साफ-सफाई कर्मियों, निजी अस्पताल के स्टाफ, सेवानिवृत्त स्टाफ, वोलेंटियर, लोकल अरबन बॉडी, अनुबंधकर्मी, दैनिक वेतन भोगी कर्मी और आउटसोर्स कर्मी शामिल होंगे।

मोबाइल टीकाकरण वैन की समीक्षा

इसके अलावा बैठक में उपायुक्त ने जिले में संचालित चलंत (मोबाइल) टीकाकरण वाहन के माध्यम से किए जा रहे टीकाकरण की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन को जिलांतर्गत वैसे सभी गाँव जहां रहने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग सहित वैसे व्यक्ति जो टीका लेने हेतु घरों से बाहर जाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें मोबाइल वैन के माध्यम से टीके का डोज दिलवाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक प्रखंडों में 01-01 मोबाइल वैन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।

उपस्थिति: बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ.विजया भेंगरा, डीपीएम स्वास्थ्य जया रेशमा खाखा व अन्य उपस्थित थे।

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