सदर अस्पताल में सर्विलांस टीम का प्रशिक्षण

जिले में 5 सर्विलेंस टीम का गठन

प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण देकर एक्टिव सर्विलांस टीम का गठन होगा :डीसी

रामगोपाल जेना
चाईबासा: उपायुक्त अरवा राजकमल ने जानकारी दी कि जिले के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, एमओआईसी, सीडीपीओ की 5 टीम बनाई गईं हैं। यह मुख्यतः इन्वेस्टिगेशन टीम के रूप में काम करेंगे। यदि जिले में कोरोना का कोई आउटब्रेक होता है, उस परिस्थिति में कांटेक्ट ट्रेसिंग करना और जांच इन्वेस्टिगेशन करते हुए संबंधित व्यक्ति किस जगह में विगत कुछ दिनों में गया है और उनके साथ सीधे संपर्क बनाने वाले व्यक्ति कौन हैं यह पता लगाया जाएगा। क्षेत्र में कंटेनमेंट करना है, अथवा कर्फ्यू लागू करना है या एरिया को सील करना है, किस क्षेत्र को सील करना चाहिए इन सब बातों के विषय में समुचित अनुशंसा करने के लिए 5 टीमें बनाई गई हैं। टीम में पांच एसडीपीओ पांच एमओआईसी और 5 सीडीपीओ को शामिल किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि इस टीम का कार्य यह होगा कि जिले में कोरोना संक्रमण के मरीज का यदि कोई मामला सामने आता है तो तुरंत वहां संपर्क स्थापित करके उस क्षेत्र को सील करने के बारे में अनुशंसा की जाए।

प्रत्येक सीएचसी रेंज में एक्टिव सर्विलांस टीम

उपायुक्त ने बताया कि हर प्रखंड में प्रत्येक सीएचसी रेंज में 20 एएनएम, सिविल और पुलिस पदाधिकारी को प्रशिक्षण देंगे ताकि वे घर-घर जाकर सर्वे करेंगे जिसे एक्टिव सर्विलांस टीम बोलते हैं। यदि भविष्य में कोरोना का आउटब्रेक होता है तो हम त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।

पूरे जिले में प्रशिक्षण के माध्यम से तैयारी की जाएगी और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए जिला तैयार रहेगा- पुलिस अधीक्षक, इंद्रजीत महथा
पुलिस अधीक्षक श्री इंद्रजीत महथा ने कहा कि आज उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले स्तर पर इन्वेस्टिगेशन के लिए पांच विशेष टीम बनाई गई हैं। इन्वेस्टिगेशन टीम में पुलिस पूरा सहयोग देगी। तकनीकी शाखा के माध्यम से ट्रेसिंग करके कॉल डिटेल रिकॉर्ड को निकालकर इसकी पहचान करना कि कौन पीड़ित के लो रिस्क कांटेक्ट पर हैं और कौन हाई रिस्क कांटेक्ट पर हैं, यह कार्य पुलिस द्वारा किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोरोना संक्रमण का कोई मामला सामने आता है तो इसके 3 किलोमीटर के दायरे को सील करके वहां पर स्क्रीनिंग की कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड-19 के तहत सभी बचावकारी कार्य किए जाएंगे। उन सभी कार्रवाई को सुरक्षित तरीके से करवाना और लॉक डाउन को पूरी तरह से लागू करना इन जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण में बताया गया।

प्रखंड स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रशिक्षण अभी जिला स्तर पर दिया गया है। आगे यह थाना स्तर पर किया जाएगा। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरे जिले में प्रशिक्षण के माध्यम से तैयारी की जाएगी और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए जिला तैयार रहेगा।