मेदिनीनगर: शहर के बाजार में धड़ल्ले से हो रहा प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल,जिला प्रशाशन मौन

पलामू से उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट

मेदिनीनगर:सरकार के द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद धड़ल्ले से प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल बाजार के दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है। खासकर सब्जी विक्रेता व फुटकर विक्रेता ग्राहकों को बेझिझक प्लास्टिक की थैली में सामान दे रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद की उदासीनता के कारण धड़ल्ले से प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल लोग कर रहे है। केंद्र और राज्य सरकार जहां स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं प्लास्टिक थैली का बढ़ता उपयोग इस अभियान में बाधक बन रहा है। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सरकार के द्वारा पॉलिथीन पर प्रतिबंध जरूर लगाया गया है। इसके बावजूद पॉलिथीन के इस्तेमाल और कारोबार पर रोक नहीं लगी है।नगर निगम के द्वारा लगातार छापेमारी किए जाने पर कुछ हद तक शहरों में प्लास्टिक थैली पर बिक्री या इस्तेमाल बंद हो गया था। लेकिन प्रशासन के सुस्त पड़ते ही फिर से बाजारों में प्लास्टिक थैली देखने को मिल रहा है।कोरोना वायरस फैलने से पूर्व दर्जनों दुकानों में छापेमारी कर प्लास्टिक थैली रखने के आरोप में लगभग 25 से 30 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है।इसके बाद से नगर निगम भी सुस्त पड़ गई है और प्लास्टिक थैली को लेकर छापेमारी करना बंद कर चुकी है।

प्लास्टिक थैली के कारण स्वच्छ से गंदे शहर में तब्दील हो रहा मेदिनीनगर

प्लास्टिक थैली के कारण मेदिनीनगर सबसे गंदा शहर बनता जा रहा है। जबकि शुरूआत में यहां भी प्लास्टिक बैन को सख्ती से लागू किया गया था। लेकिन धीरे धीरे प्रशासनिक सुस्ती बढ़ी तो लोग वापस प्लास्टिक की ओर लौटने लगे। अब शहरी क्षेत्र में सब्जी सहित अन्य सामानों की खरीद में धड़ल्ले से पॉलीथिन का ही उपयोग हो रहा है। स्वच्छ्ता अभियान में किस तरह बाधक बन रहा पॉलीथिन यह हम किसी से छुपा नहीं है। अगर समय रहते हम पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद नहीं किए तो हमारी जमीन का उर्वरा शक्ति खत्म होने के साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य पर भी बड़ा असर डालेगा। पॉलिथीन सफाई में सर्वबाधा है, मनुष्य के जीवन में बीमारी का न्योता देता है। आम जन शौकिया हाथ में सामान लाना पसंद करते हैं, लेकिन इसके लिए झोला व थैला की जगह प्लास्टिक का चुनाव करते हैं। जिसे त्यागना पड़ेगा।एक और जहाँ कोरोना वायरस पूरे दुनिया मे अपना पैर फैला चुका है,वही दुसरी और प्लास्टिक का उपयोग कर लोग अपने जान को जोखिम में डाल रहे है।यही नही शहर में कोरोना की वजह से करीब 3 महीने तक लोक डाउन लागू रहा।इसमे जितने भी समाज सेवी गरीबो को राशन किट बांट रहे थे,उसमे भी धड़ेले से प्लास्टिक थैला का प्रयोग किया गया।