सरकारी पदाधिकारियों को देखकर झमरा पहाड़ी के चोटी पर बसे अमन गांव के ग्रामीणों के खिले चेहरे

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो: बोकारो जिला मुख्यालय से 154 किलोमीटर दूर बसा गोमिया प्रखंड के अति उग्रवाद प्रभावित चुटे पंचायत के‌ अंतर्गत झूमरा पहाड़ी के चोटी बसा अमन गांव के ग्रमीणों के चेहरे पर आज पहली बार खुशिया देखने को मिली।
72 वर्ष या यू कहे कि 7 दशक केें लंबे अन्तराल में पहली बार कोई सरकारी पदाधिकारी ने ग्रामीणों की सूध लेने की सोची और चढ गए जंगल झाड़ और संकीर्ण पथरीले रास्तो से अमन गांव की तस्वीर देखने।आजादी के सात दशक और झारखंड निर्माण के दो दशक बाद पहली बार यहां बीडीओ कपिल कुमार मोटर बाइक से पहुंचे.बीडीओ को देखते ही ग्रामीणों के चेहरे पर जैसे सावन की.फुहार सी खुशी खिल उठी, श्री कुमार ने ग्रामीणों की बातें सुनीं और कहा अमन गांव का जल्द काया कल्प करने की बात कही।

अमन गांव एक ऐसा गांव जहा छोटे अधिकारी भी कभी नहीं गए थे, वहां बीडीओ को देख कर ग्रामीणों को विश्वास‌ ही नहीं हो रहा था ,कि बीडीओ उनके गांव आये हैं. ग्रामीणों से काफी सहजतापूर्वक मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वे भी गांव में ही पले बढ़े हैं. उनके पिता किसान हैं. गोमिया प्रखंड में सेवा देने के बाद से ही अमन गांव आने की बात पर चिंतन कर रहा था. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि थोड़ा सा धैर्य रखें. अब इस गांव की तस्वीर बदल जायेगी.
अमन गांव में पर्यटन की संभावनाएं देखते हुए
बीडीओ कपिल कुमार ने कहा कि सभी को प्रधानमंत्री आवास दिया जायेगा. इसके अलावा मनरेगा से कूप, तालाब, डोभा एवं सड़क निर्माण कराये जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि छूटे हुये लोगों को पेंशन दिलायी जायेगी. ग्रामीणों से मिलने के बाद वे निकट‌‌सुंदरी पहाड़ भी गये.‌ पहाड़ का सौंदर्य देख उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए पत्राचार करने की बात कही.
ग्रामीणों ने बीडीओ से कहा कि सिमराबेड़ा से अमन तक पथ के निर्माण में वन विभाग द्वारा एनओसी नहीं दिये जाने के कारण पिछले दो वर्षों से सड़क निर्माण रुका हुआ है. इन्होंने अमन से दडंरा तक भी सड़क निर्माण ‌कराने का आग्रह किया. मौके पर निवर्तमान मुखिया पति उपेन्द्र महतो, सतोष‌ कुमार, अजय कुमार, रोजगार सेवक विष्णु देव महतो के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार पहाड़िया, संजय‌ कुमार आदि ग्रामीण उपस्थित थे.