अंधविश्वास की आग में जल रहा है समाज : संतोष पांडेय

पलामू से सुधीर कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मेदिनीनगर: अंधविश्वास की आग में समाज जल रहा है। अशिक्षा के कारण हमारे समाज में अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है ।उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने कही वे डायन उन्मूलन प्रथा पर जागरूकता शिविर में पाटन के किशुनपुर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डायन प्रथा कानूनन व सामाजिक अपराध है ।डायन कह कर महिलाओं को प्रताड़ित करना अभी नहीं रुक रहा ।जबकि देश व राज्य में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम लागू है। बाबयुद्ध भी यह प्रथा महिलाओं के लिए हत्या तक कारण बन रही है। उन्होंने कहा की किसी औरत को डायन कहने पर 6 माह का कारावास व ₹2000 जुर्माना या दोनों हो सकता है ।यह अजमानतीय है।उन्होंने कहा कि आज डायन प्रथा की आड़ में कई संगीन अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है। आज हमारे समाज में अंधविश्वास की जड़े मजबूत हो रही है। जो समाज को खोखला कर रहा है। इस मौके पर नई दिशाएं के इंदु भगत ने कहा कि डायन प्रथा की आड़ में कई संगीन अपराधों को अंजाम देना हमारे समाज में आम बात है ।किसी को रोग हो गया और उसका सही उपचार ना करने से उसकी मृत्यु हो गई तब उसकी मृत्यु का जिम्मेदार भी डायन को मान लिया जाता है । उन्होंने कहा कि घरेलू उपचार के साथ ओझा गुनी की मान्यता गांव में ज्यादा मिलती है। उन्होंने कहा कि लोग नहीं समझते हैं कि ओझा के पास जाकर किसी भी असाध्य रोग से मुक्ति नही मिल सकती है। डायन के नाम पर औरत के साथ जुल्म करने वाले लोग ओझा गुनी की बातों पर भरोसा करके उसका शोषण करते हैं। यहां तक की महिलाओं को डायन बताकर मलमूत्र पिलाया जाता है। निर्वस्त्र कर सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है ।व सर मुड़वाकर मुंह काला कर गांव में घुमाया जाता है। इतना ही नहीं डायन बताकर किसी का नीरशंस हत्या तक कर दी जाती है ।इसके लिए लोगों में जन जागरूकता जरूरी है । पी एल भी बिनय प्रसाद ने कहा कि डायन कुप्रथा को मिटाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा भी समय-समय पर जागरुकता शिविर का आयोजन किया जाता है ।उन्होंने हुसैनाबाद में डायन कहकर महिला के साथ मारपीट की घटना को कलंकित करने वाला घटना बताया ।कहा कि डायन के नाम पर मारपीट करना अपराध है । उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी विशेष जागरूकता शिविर चलाने की जरूरत है ।उन्होंने कहा कि कानून का सही ढंग से पालन हो तो डायन प्रथा पर बहुत हद तक काबू पाया जा सकता है ।साथ ही लोगों में जागरूकता की भी जरूरत बताया। नई दिशाएं के अनिता मिंज ने हैदरनगर में नवरात्र व चैत नवरात्र में लगने वाला भूत मेला को अंधविश्वास करार दिया। कहा एक और जहाँ हम चन्दमा व मंगल ग्रह तक पहुँच चुके हैं वही दूसरी तरफ डायन के नाम पर प्रताड़ना को रोकना हमसबो के लिए चुनौती बन गया है। मौके पर बसन्ती देवी,गुड़ी देवी,मंजू देवी,उर्मिला देवी,ममता देवी,चंपा देवी,साबित्री देवी,रंजू देवी,सबिता देवी समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।