सोलर जल मीनार खराब, प्यास बुझाने को भटक रहे ग्रामीण

– बढ़ती गर्मी के साथ ही बसंतराय क्षेत्र में गहराता जा रहा पेयजल संकट
कामिल की रिपोर्ट
बसंतराय: बढ़ती गर्मी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। प्रखंड क्षेत्र के जहाजकिता में ग्रामीण शुद्ध पेयजल को तरस रहे हैं। गांव के दक्षिण टोला में 14वें वित्त आयोग से निर्मित सोलर जल मीनार कई माह से खराब पड़ा है। इस कारण गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय महिला रोजा खातून, गुलशन आरा, हुस्नारा, अनीशा खातून आदि ने बताया कि सोलर जल मीनार सिर्फ शोभा की वस्तु साबित हो रही है। जब गांव में सोलर जलमीनार बनाया गया था तो उम्मीद जगी थी अब पेयजल संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। पानी के लिए इधर उधर भटकना भी नहीं पड़ेगा। लेकिन बनने के कुछ दिनों बाद से ही सोलर जल मीनार खराब हो गया।
इस कारण दक्षिणी टोला की करीब 500 की आबादी को पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। सभी महिलाओं ने एक सुर में कहा कि सोलर जल मीनार निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया था। प्राक्कलन को ताक पर रखकर सोलर जल मीनार का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पैसा चंदा कर ठीक कराया। इस संबंध में कई बार पंचायत के मुखिया से सोलर जलमीनार मरम्मत कराने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई है और समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नदियों से बालू के अवैध खनन से पानी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे गांव में निजी एवं सरकारी चापानल खराब पड़ा हुआ है।