विधायकों को सुरक्षा के मामले में दोहरा मापदंड अपना रही राज्य सरकार: अमित मंडल

– विधायक ने कहा, विपक्ष के विधायकों की सुरक्षा में कटौती और सत्ता पक्ष के पूर्व विधायक की सुरक्षा में भी एके-47 से लैस सुरक्षाकर्मी

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक अमित कुमार मंडल ने राज्य सरकार पर विधायकों को सुरक्षा देने के मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। कहा है कि विपक्ष के विधायकों की सुरक्षा में जहां कटौती की जा रही है, वहीं सत्ता पक्ष के पूर्व विधायकों की सुरक्षा में भी एके – 47 से लैस सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं।
बुधवार की रात भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास पर अज्ञात हमलावरों का निशाना बने गोड्डा विधायक अमित मंडल शुक्रवार को अपराह्न जिला मुख्यालय स्थित अपने आवासीय कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस अजीतगढ़ भागलपुर में अपने साथ घटित घटना की जानकारी दी। बताया कि दो अपराधी उनके भागलपुर आवास की रेकी करने के मकसद से बुधवार की रात फाटक पर चढ़कर उनके आवास में घुस रहे थे। उस समय वह बरामदे पर चहल कदमी कर रहे थे। उन्होंने जब युवकों को पकड़ने का प्रयास किया, तो नुकीली चीज से उन पर वार किया गया। ईंट पत्थर भी बरसाए गए। उन्होंने बताया कि भागलपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपराधियों के पकड़े जाने के बाद इस बात का खुलासा हो सकेगा कि हमलावरों की मंशा क्या थी?
विधायक ने कहा कि अपराधी भागते भागते कह रहे थे कि अपनी राजनीति को सीमित करो। राजनीति भुला दूंगा। इससे इस आशंका को बल मिलता है कि घटना के पीछे उनके प्रतिद्वंदी एवं बालू माफिया का हाथ हो सकता है।
विधायक श्री मंडल ने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव के बाद से ही उनके प्रतिद्वंदी रहे उम्मीदवार क्षेत्र में उपचुनाव होने की बात कहते रहे हैं। इससे यह अंदेशा उत्पन्न होता है कि क्षेत्र में उपचुनाव कराने के मकसद से उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची जा रही है। श्री मंडल के अनुसार, वह अपने इलाके में लगातार बालू माफिया एवं जमीन माफिया के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद भी उन पर अनेक बार हमला किया गया। इस संबंध में दो- तीन एफआईआर भी उनकी ओर से दर्ज कराई गई है। लेकिन मामले की जांच के प्रति पुलिस उदासीन बनी हुई है।
विधायक श्री मंडल ने कहा कि 2019 के चुनाव के बाद उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर भू माफिया एवं बालू माफिया से अपनी जान पर व्याप्त खतरा का वर्णन करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन उनके पत्र को दबा दिया गया। कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टी चुनाव के बाद उनकी सुरक्षा में लगे एके 47 से लैस सुरक्षाकर्मी भी हटा लिया गया। सरकार द्वारा उस समय कहा गया था कि किसी विधायक की सुरक्षा में एके 47 वाले सुरक्षाकर्मी नहीं रहेंगे। लेकिन वास्तव में इस नीति का पालन नहीं किया जा रहा है। सत्ता पक्ष के अनेक विधायकों के साथ ही कुछेक पूर्व विधायक को भी एके – 47 से लैस सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं। लेकिन उनकी जान पर खतरा रहने के बावजूद सुरक्षा में कटौती की गई है।
विधायक श्री मंडल ने कहा कि भागलपुर में भी उनका आवास होने के कारण उनका गोड्डा से भागलपुर आना जाना लगा रहता है। जरूरत पड़ने पर रात में भी उन्हें क्षेत्र में जाना पड़ता है। भू माफिया एवं बालू माफिया के खिलाफ आवाज बुलंद करने के कारण उनकी जान पर खतरा बना हुआ है। लेकिन बावजूद इसके, राज्य सरकार उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। राज्य सरकार को जनप्रतिनिधियों के साथ ही राज्य की जनता की सुरक्षा के प्रति भी गंभीरता पूर्वक कदम उठाने की जरूरत है। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश झा, भाजपा के नगर अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा उर्फ गप्पू सिन्हा, पूर्व जिला परिषद सदस्य सिया राम भगत, सीताराम राउत आदि मौजूद थे।