तनाव मुक्त जीवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक: डॉ एसपी दास

रांची:  एसवीनिरतार ,दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत समेकित क्षेत्रीय केंद्र , झारखण्ड के द्वारा “अलविदा –तनाव’ विषयक एक आनलाईंन कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसवीनिरतार,कटक के निदेशक डॉ एस पी दास व मुख्य वक्ता प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय,माउंट आबू से राजयोगिनी बी के लक्ष्मी दीदी रही l मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ एस पी दास ने कहा कि तनाव मुक्त जीवन शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढाने में मदद करता है,इसलिए तनाव मुक्त रहने के लिए हमेशा एक दूसरे की मदद के लिए तैयार रहें। कठिन समय में समुदाय की मजबूत भावना हमें आगे ले जाएगी।मानव तनाव मुक्त होगा तभी शरीर कोरोना जैसे बीमारी से लड़ने में सक्षम होगा l औषधीय उपचार के साथ तनाव मुक्त रहना अति आवश्यक हैl मुख्य वक्ता प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय,माउंट आबू से राजयोगिनी बी के लक्ष्मी दीदी ने कहा कि मंजिल स्वयं के कदमों से चलकर ही प्राप्त की जाती है, कोई दूसरा व्यक्ति आपकी यात्रा पूरी नहीं करेगा। मेहनत और प्रतिबद्धता ही सफलता की चाबी है। मेहनत,प्रतिबद्धता और संकल्प की शक्ति के आगे जीवन के सारे विघ्न दूर हो जाते हैं। मनुष्य के भीतर ही उसका भाग्य छिपा रहता है। मेहनत,प्रतिबद्धता और संकल्प की शक्ति भाग्य को बाहर ले आते है। कहते है इरादे बुलंद हो तो हिमालय भी पैरों तले होता है। हौसला हो तो तूफान भी घुटने टेक देते हैं। महान लोगों के जीवन के बारे में अगर जानकारी की जाए तो पता लगेगा कि उनके जीवन में अनुकूल के बजाय प्रतिकूल परिस्थितियां ज्यादा रहीं। इन लोगों ने हमेशा प्रतिकूलता में अनुकूलता को ढूंढ निकाला। कुछ लोग विपरीत परिस्थियों में हताश हो जाते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए l जब संसार में सभी साथ छोड़ दें, सारी परिस्थितियां विपरीत हो जाएं, तब भी मनुष्य जीवित रह सकता है यदि उसका आत्मविश्वास प्रबल है।
इन्होने कहा कि तनाव का सबसे बड़ा कारण है, आज हर व्यक्ति दूसरे को बदलना चाहता है पर अपने आप को नहीं बदलना चाहता। हमारे स्वभाव संस्कार, भावनाएं नकारात्मक दृष्टिकोण ही हमारे मार्ग में बाधाएं बनकर खड़े रहते हैं। जरूरत है इनमें परिवर्तन करने की। सब जानते भी हैं कि इस तरह का अगर हम परिर्वतन कर लें तो हमारा जीवन सुंदर व सरल बन जाएगा। सभी के प्रति शुभ भावना रखें। प्रतिकूलता में भी अनुकूलता देखें, दुख में भी सुख खोजें, जीवन के भरे हिस्से को देखें, सबका कल्याण हो एवं सहयोग भावना रखें।
उन्होंने यह परिवर्तन लाने के लिए मेडिटेशन के अभ्यास के द्वारा प्रतिभागियों को दृढ प्रतिज्ञा कराई कि कोई बदले या न बदले आज से हम अपनी भावनाएं, विचार, स्वभाव, संस्कार, दृष्टिकोण सभी में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।
कार्यक्रम को नोडल ऑफिसर प्रमोद तिग्गा ने भी संबोधित किया और कार्यक्रम की सफलता की शुभकामना दी कार्यक्रम में बोलते हुए सी आर सी रांची के निदेशक जीतेन्द्र यादव ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी किरण मेंटल हेल्थ हेल्प लाइन के सेवाओ के बारे में विस्तार से बताया तथा प्रतिभागियों से आह्वान किया की किरण हेल्प लाइन के टोल फ्री नम्बर को दिव्यांग जन व अन्य जन मानस तक पहुचाये जिससे इस कोरोना काल और बाद में भी मानव के मस्तिष्कीय स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहयोग दिया जा सके l उन्होंने सी आर सी के उद्धेश्यो को बताते हुए मुख्य अतिथि ,मुख्य वक्ता तथा जुड़े अन्य गणमान्य लोगो का स्वागत किया l धन्यवाद ज्ञापन निरंजन ओझा ने किया l

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