झामुमो समर्थक अपराधी गढ़वा में सत्ता परिवर्तन के साथ ही हुए सक्रिय

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट

गढ़वा : भाजपा के पूर्व विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही झामुमो समर्थक अपराधी फिर से सक्रिय हो गए है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सभी मामलों में पुलिस मंत्री के दबाव में अपराधियों को गिरफ्तार करने बजाए समझौता कराने में लगे रहती है।सम्पूर्ण गढ़वा विधान सभा क्षेत्र अपराधियों के चंगुल में आ गया है ।नए नए आपराधिक घटनाओं से शहर के व्यवसायी से लेकर आम जनता तक स्वंय को असुरक्षित महसूस कर रहे है। शहर में खुलेआम आम लोगों पर कातिलाना हमला हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में जो भी अपराधिक घटनाएं घटित हो रही है। उसके तह में झामुमो के ही कार्यकर्ता शामिल नजर आ रहे है। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि बलियारी गांव निवासी बबन दुबे सहित अन्य लोगों पर किए गए कातिलाना हमला के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस अगर इस मामलें में तत्काल कार्रवाई नही करती है तो बाध्य होकर उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतकर आंदोलन कर रास्ता अख्तियार करेंगे।
उन्होंने कहा कि मैंने काफी मशक्कत के बाद क्षेत्र को राजतंत्र से अजादी दिलाया था । लेकिन अब क्षेत्र में अपराध तत्र हावी हो गया है। वह अपने दस वर्ष के कार्यकाल के दौरान अपराध पर नियंत्रण के लिए कई आवश्यक कदम उठाए थे। जिसके कारण अपराधी क्षेत्र छोड़कर भाग गए थे। । उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में सदर अस्पताल में तत्कालीन डीएसपी सत्येन्द्र सिंह के सामने भोला दुबे की हत्या कर दी गई थी। अब फिर से गढ़वा में उसी तरह का माहौल कायम हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले छह माह के दौरान शहर में कई घटनाएं घटित हुई है। लगभग सभी घटना में झामुमो कार्यकर्ताओं का ही नाम सामने आया है। लेकिन पुलिस मामलें में कार्रवाई करने के बजाए दोनों पक्ष से सुलह-समझौता में व्यस्त रहती है। जिसका नतीजा है कि अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। जीपी प्लाजा के मालकिन के साथ मारपीट के अलावा, रंका निवासी संवदेक सुरेश पांडेय के साथ मारपीट, चिनियां के बरवाडीह में हवाई फायरिंग सहित अन्य घटनाएं घट रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वा में लगातार गिर रहे कानून-व्यवस्था के मामलें में वह जल्द ही राज्यपाल, गृह सचिव और डीजीपी से मिलकर कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने का मांग करेंगे।