शिक्षक मोहम्मद इम्तियाज अहमद नहीं रहे

रामगोपाल जेना
चाईबासा:चाईबासा के बहुमुखी प्रतिभा के धनी व हरदिल अजीज शिक्षक मोहम्मद इम्तियाज अहमद हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने कोलकाता के फ्लेमिंग अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।उन्हें कोरोना के दूसरे लहर के दौरान फेफड़े में गंभीर रूप से संक्रमण हुआ।सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय,नाकाहासा में पदस्थापित 58 वर्षीय इम्तियाज जिले के लोकप्रिय शिक्षकों में से एक थे। शिक्षकों की महफिल में अपनी मधुर गायकी से समा बांधने में खासा योगदान देता था। मिलनसार एवं मृदुभाषी इम्तियाज की गिनती जानकार शिक्षकों में होती थी, जिसके कारण शिक्षकों की प्रोन्नति सूची तैयार करने को लेकर अक्सर उनकी प्रतिनियुक्ति डीएसई कार्यालय में होती रहती थी।यही वजह है कि जब इनकी बीमारी की जानकारी मिली तब जिले के शिक्षक शिक्षिकाओं ने उचित इलाज में राशि की कमी पूरा करने के लिए बढ़ चढ़कर सहयोग कर एकजुटता का परिचय दिया। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनका फेफड़ा नब्बे फीसदी खराब होने के कारण रिकवरी करने में असफल रहा। इम्तियाज ने अपने पीछे पत्नी समेत दो बेटियां छोड़ गए।इनकी मौत से जिले के शिक्षक शिक्षिकाओं में शोक की लहर है।जिले के शिक्षक शिक्षिकाओं असीम कुमार सिंह, उपेन्द्र सिंह, महेश सिंह,दीपक प्रजापति,किशोर प्रसाद, कृष्णा देवगम,शरद गुप्ता, विजय लक्ष्मी हेम्ब्रम,आनंद गुप्ता,मंगलेश पाठक, उपेन्द्र प्रसाद, मुक्ति रानी सावैयां, अनीता सोय, सविता कुंकल,महीप किशोर पिंगुवा, हरिशंकर प्रसाद, नवीन कुजूर,विनय सिंह, अनंत लाल विश्वकर्मा,बुलंद पुरती,चक्रवर्ती हांसदा,क्रियाम बिरूली, राजकिशोर साहू,सरिता पुरती, आशुतोष सिन्हा आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है और ईश्वर से प्रार्थना किया है कि इम्तियाज की आत्मा को शांति दे और इनके परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।

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