शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर वित्त मंत्री के बयान का किया विरोध

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट

गोड्डा: अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के आनंद रजक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रदेश कमेटी के आह्वान पर झारखंड के वित्त मंत्री डा रामेश्वर उरांव के सरकारी विद्यालय एवं सरकारी शिक्षकों के विरोध में दिए गए बयान के खिलाफ मंगलवार को विद्यालय में काला बिल्ला लगाकर शिक्षकों ने प्रतिरोध किया ।पूरे जिला में शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर विद्यालय का कार्य संपादित किया।
श्री आनंद ने कहा कि झारखंड सरकार के एक सम्मानित मंत्री के द्वारा सरकारी विद्यालय एवं सरकारी शिक्षकों के खिलाफ इस प्रकार का बयान सरकारी शिक्षकों,विद्यालयों एवं सरकारी तंत्र का अपमान है। प्राइवेट स्कूलों के द्वारा आम जनता का शोषण एवं दोहन जगजाहिर है। ज्यादातर प्राइवेट स्कूल बड़े बड़े पूंजीपतियों, उद्योगपतियों, बड़े नेताओं एवं मंत्री के द्वारा संचालित हो रहा है, जिसमें कार्यरत बेचारे शिक्षकों को काफी कम पारिश्रमिक या मानदेय दिया जाता है।जबकि नामांकित छात्रों के अभिभावकों से अनेक प्रकार के तरकीब से पैसे की वसूली की जाती है। किताब, पोशाक, जूता- मौजा, टाई ,बेल्ट, बंडी ,कोट,पैंट,फर्नीचर,आफिस मैनेजमेंट, लेट फाईन,मरम्मत आदि के नाम पर मनमाने तरीके अभिभावकों से राशि वसूली जाती है। देशभक्ति या राष्ट्र निर्माण के लिये गरीब या कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा देना, प्राकृतिक आपदा के समय समाज की सेवा करना अपनी तौहीन समझते है। निजी विद्यालय केवल अपना निजी तामझाम एवं दिखावटी प्रदर्शन में व्यस्त रहते हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य जैसे जनगणना, बाल गणना, पशुगणना, बीएलओ, बीपीएल , पोषाहार बांटना, एमडीएम, विद्यालय प्रबंधन समिति का संचालन, चावल का उठाव, पुस्तक का उठाव, कृमि की दवा का वितरण ,चावल का वितरण, छात्रवृत्ति ,साइकिल का वितरण, छात्रों का पासबुक खुलवाना, आधार से जुड़वाना आदि अनेक प्रकार के दर्जनों कार्य के अलावे पंचायत चुनाव ,विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव आदि को संपन्न करना पड़ता है ,जो सरकार का ही आदेश होता है।
सरकारी शिक्षकों के द्वारा बार-बार यह मांग किया जाता रहा है उन्हें गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त किया जाए । यहां तक कि कोर्ट ने भी इस प्रकार का आदेश दिया है । ऐसी स्थिति में सरकारी स्कूल के शिक्षकों पर मंत्री के द्वारा आरोप लगाना कि विद्यालय में सरकारी शिक्षक दूसरे काम में उलझे रहते हैं , विद्यालय में अनुशासन की कमी है, विद्यालय में पढ़ाई का माहौल नहीं है ,शिक्षक काम करें या ना करें उन्हें वेतन मिलेगा ही….। इस प्रकार का बयान आधारहीन, तथ्य से परे एवं गैर जिम्मेदाराना है।
जिले के सभी शिक्षकों के प्रति श्री आनंद रजक एवं महासचिव राधाकांत साह ने आभार प्रकट किया और अपनी चट्टानी एकता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।