किसानों के आंदोलन के सामने वह षड्यंत्र असफल हो गया : ममता देवी

रामगढ़ से वली उल्लाह की रिपोर्ट

रामगढ़: रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों पर बा जबरन थोपे गए तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है। यह किसानों का देश है आखिरकार सरकार को अपने गलतियों का एहसास हुआ और मजबूर होकर के सरकार यह तीनों काले कानून वापस ले रही है! मेरे तरफ से पूरे देश के किसानों को बहुत-बहुत बधाई
यह सच्चाई की जीत है देश की सरकार तीन कृषि कानूनों के आड़ में जिस प्रकार पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने का षड्यंत्र कर रही थी देश के किसानों के आंदोलन के सामने वह षड्यंत्र असफल हो गया ।
पूरे देश में कृषि कानून और महंगाई को लेकर जिस प्रकार किसानों और आम नागरिकों में आक्रोश है प्रधानमंत्री ने देश में आक्रोश के इस लहर को देखकर यूपी सहित अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव मैं हार के डर से इन तीन काले कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है !
केंद्र की भाजपा नित सरकार ने तीनों कृषि काले कानूनों को वापस लेने का एलान मजबूरी में लिया है देश के अन्नदाताहो के आंदोलन के दबाव में लिया है हार के डर से लिया है ।
प्रधानमंत्री ने इससे पूर्व भी जीएसटी और नोटबंदी जैसे कानून लाकर देश की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया जबकि उस समय भी विपक्ष विपक्ष सहित व्यापारियों ने जीएसटी लागू करने के तरीका को लेकर उनका विरोध किया था ।
परंतु हमारे देश के प्रधानमंत्री देश की आवाज नहीं सुनना चाहते विपक्ष की आवाज नहीं सुनना चाहते किसान मजदूर की आवाज नहीं सुनना चाहते महिलाओं की आवाज नहीं सुनना चाहते हैं वह सिर्फ अपने मन की बात करना चाहते हैं प्रधानमंत्री देश की मजबूत लोकतंत्र की व्यवस्था को ध्वस्त करने पर आमद हैं ।