सड़क दुर्घटना में बच्चे की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

पाकुड़/पाकुड़िया: शनिवार अहले सुबह पाकुड़ प्रखंड के विक्रमपुर गांव के पास स्थित साहिबगंज बरहरवा मुख्य मार्ग में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई ।घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर इकट्ठी हो गई और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क को जाम कर दिया । सड़क जाम होने के कारण कुछ वाहन फंसे रहे । घटना की सूचना पाकर मुफस्सिल थाना की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद जाम को हटाया गया । घटना के बावत आस पास के ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गांव के ही रहनेवाले 10 वर्षीय अलाहज सेख की मौत हो गयी । थाना प्रभारी दिलीप मलिक ने बताया कि विक्रमपुर मोड़ के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई है ग्रामीणों ने सड़क जाम किया था उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद जाम को हटा दिया गया है वही सब को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोना जोड़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है ।उन्होने आगे कहा कि वाहन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।पाकुड़िया प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित थाना क्षेत्र से महज 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित चैकीसाल मुख्य पीडब्ल्यूडी पथ पर सड़क दुर्घटना में एक 48 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गयी। मृत व्यक्ति की पहचान निकटवर्ती पश्चिम बंगाल के नलहाटी थाना क्षेत्र के लखिनारायनपुर निवासी सहजमान शेख (जमाल शेख )उम्र करीब 48 साल के रूप में हुई है । प्राप्त जानकारी के मुताबिक वह दवा का छोटामोटा ब्यवसाई था और बंगाल से मोटरसाइकिल में दवा लेकर पाकुडिया के दुकानों में सप्लाई करता था । इसी दौरान वाहन चलाते वक्त अचानक रास्ते पर मवेशी आ जाने से वह असंतुलित होकर गिर गये जिस कारण यह घटना घट गई ।वहीं दुघर्टना के बाद पाकुड़िया पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को पाकुड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गयी जहां जाँच के बाद चिकित्सक डॉ गंगाशकर साह ने उसे मृत घोषित कर दिया ।इधर सूचना मिलने के बाद के परिजन भी पाकुड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाकुडिया पहुँचे । बहरहाल पुलिस लाश को जप्त कर उसके अंत्यपरीक्षण हेतु पाकुड भेज दिया । पुलिस मामले की छानबीन में जुट चुकी है । दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जप्त कर थाना लाया गया है । इधर घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है ।