श्रम कानून हनन, महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य चिकित्सा की कमी से जूझ रहा है देश : सुशील

केंद्र सरकार मजदूर, किसान विरोधी नीति का संयुक्त मोर्चा ने किया विरोध

सिरका : संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सिरका कोलयरी हाजिरी घर के समीप बुधवार को युनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के अरगड्डा क्षेत्र सह सचिव सुशील कुमार सिन्हा के नेतृत्व में दूरी बनाकर काला दिवस मजदूरों ने मनाया। सबो ने कोरोना काल में शहीद हुए मजदूर, किसान साथियों को 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दिया। अवसर पर सभी ने केंद्र सरकार के श्रम कानून नीति, कांमर्शियल माइनिंग निजीकरण को बढ़ावा देने, किसानों के हक अधिकार को दमन करने, जनता पर अत्यधिक महंगाई का बोझ, सिरका कोलियरी खदान दो वर्षों से बंद रहने को लेकर जमकर नारेबाजी किया। मजदूरों को संबोधित करते हुए कॉमरेड सुशील कुमार सिन्हा ने कहां कि देश के मजदूरों ने अपनी आहुति देकर अंग्रेजों के शासन में श्रम कानून के अधिकारों को आंदोलन से छीना था। लेकिन मौजूदा हालात में केंद्र शासित भाजपा की सरकार मजदूरों, किसानों, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में लगी हैं। कोरोना कि इस महामारी में जनता को महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य चिकित्सा जैसे विपरीत हालात से गुजारना पड़ रहा हैं। सात वर्षों के भाजपा सरकार शासन में चार करोड़ मजदूरों की छटनी हो चुंकी हैं। जबकि सरकार ने प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात कहीं थी। कांग्रेस के शासन में आसमान छुती महंगाई को जमीन पर लाने का वादा भी किया था। लेकिन हांलात इसके विपरीत हैं। सभी ने श्रमिक और किसान विरोधी श्रम कानून को तत्काल वापस लेने की मांग किया। मौके पर गोपाल बेदिया, भिखारी मुखिया, राजेश कुमार, सुखराज करमाली, मनराज करमाली, खेंटा महतो, कृष्णा चौहान, दीपक, पिंटू महतो, ज्योति मोहन वर्मा, नारायण, नागराज, कमलनाथ, शिव मांझी आदि मौजूद थे।

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