ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान को बनाएं सफल, अधिकारियों को पिलायी गई सफलता की घुटी

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो:  समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान की सफलता को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त जय किशोर प्रसाद ने की।
कार्यशाला का शुभारंभ उप विकास आयुक्त, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त जय किशोर प्रसाद ने विस्तार से ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान के संदर्भ में बताया। इस अभियान के उद्देश्यों पर भी चर्चा की। कहा कि यह अभियान आगामी 15 दिसंबर तक जारी रहेगा। कहा कि राज्य द्वारा विभिन्न श्रेणियों (पीडी जेनरेशन, महिला भागीदारी, एसटी – एससी भागीदारी आदि) में खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल 130 प्रखंडों को चिन्हित किया है। इन्हीं प्रखंडों में मनरेगा के प्रदर्शन को बेहतर करने, इसके उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस अभियान को शुरू किया गया है। इनमें जिले के भी चार प्रखंड चंदनकियारी, चास, चंद्रपुरा एवं जरीडिह शामिल है। यह काफी अफसोसजनक है, इसमें अविलंब सुधार की आवश्यकता है। इस अभियान के तहत शामिल प्रखंड के अलावा शेष प्रखंडों में भी यह अभियान जारी रहेगा। ताकि मनरेगा के कार्यों में अपेक्षित प्रगति दर्ज की जा सके। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को गंभीरता से विभिन्न पंचायतों/योजनाओं की दस – दस पंचायतवार समीक्षा कर कमियों को चिन्हित करने एवं उसे दूर करने को कहा।

उप विकास आयुक्त जय किशोर प्रसाद ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने को कहा। कहा कि जिन रोजगार सेवकों का प्रदर्शन लगातार खराब है उन्हें हटाएं। पंचायत सेवक एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा पर कार्रवाई करें। उन्होंने सख्ती बरतने की बात कहीं। मौके पर वरीय लेखा पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी मनरेगा पंकज दूबे ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से अभियान के कार्यक्रम (समय सारिणी, प्रतिभागी, अध्यक्षता), उसके उद्देश्य, जागरूकता कार्यक्रम, रोजगार महादिवस का आयोजन, ग्राम सभा का आयोजन, गैर सरकारी संगठनों की भूमिका, अभियान का लक्ष्य के संबंध में बताया।

मौके पर बताया कि जिले में महिला मेट का प्रतिशत लगभग 99 फीसद है। लेकिन इसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसे सक्रिय करें व उनके इस्तेमाल से मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएं। राज्य के औसत प्रतिशत से जिले का प्रतिशत ज्यादा हो इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ें। मानव दिवस सृजन में प्रगति लाएं, एससी – एसटी मजदूरों की भागीदारी बढ़ाएं, लोगों का पलायन रोकें। साथ ही, छोटी – मोटी योजना जो अपूर्ण है, उसे अविलंब पूर्ण करें। प्रत्येक गांव/टोले में हर समय औसतन 5 – 6 योजनाओं का क्रियान्वयन हो इसे सभी सुनिश्चित करेंगे। कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया। संबंधित सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य के गति बढ़ाने पर बल दिया गया।