त्रिपक्षीय वार्ता कर रांसीसाई और टेंटाइपदा के मामले सुलझाया जाए, ग्रामीणों को उकसाने से बाज आए तथाकथित समाजसेवी : डीएफओ

रांसीसाई और टेंटाइपदा के मुद्दे की तो इसे लेकर त्रिपक्षीय वार्ता होनी चाहिए तभी जाकर सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा:डीएफओ
रामगोपाल जेना
चक्रधरपूर: रांसीसाई और टेंटाइपदा के मामले पर पोड़ाहाट डीएफओ नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले को तूल नही दिया जाय । हमारे झारखंड के लोग जल जंगल और जमीन के संरक्षण की बात सदियों से करते हुए आ रहे है और वन की रक्षा करना अपना कर्तव्य समझते हैं। वन विभाग का भी कर्तव्य है कि वन की रक्षा करें। जंगल की अवैध कटाई और कच्चे रोलो के साथ अगर कोई पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई करना एक न्याय संगत प्रक्रिया है तथा इस पर रुकावट पैदा करना कानून के खिलाफ है। जंगल में गिरे हुए छोटे वृक्ष एवं सुखी लकड़ी घरेलू इस्तेमाल के लिए ग्रामीणों के द्वारा ले जाने पर कभी भी वन विभाग कोई रुकावट पैदा नहीं करती है, पर इसके विपरीत अगर कोई कच्चे वृक्षों को काटकर उसके रोला बनाकर व्यापारिक उद्देश्य से ले जाना चाहे तो यह कानूनी अपराध है। पूरा विश्व आज घटते हुए जंगलों के कारण होने वाले आपदाओं से त्रस्त है। क्लाइमेट चेंज जैसी भयानक भौगोलिक घटना को लेकर वैश्विक मंच पर हमेशा बात होती रहती है तथा वन संरक्षण के लिए सभी को प्रेरित भी किया जाता है। ऐसी स्थिति में वैपरिक इस्तेमाल के लिए वनों की कटाई सभी के लिए नुकसानदेह है। रही बात रांसीसाई और टेंटाइपदा के मुद्दे की तो इसे लेकर त्रिपक्षीय वार्ता होनी चाहिए तभी जाकर सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा।