दिपावली की रात कोयलांचल में जला खुशियों का दीप, काली-गोवर्धन पूजा, दिवाली और बरद खूंटा पर्व संपन्न

रजरप्पा(रामगढ़): रजरप्पा कोयलांचल के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में कालीपूजा, दीपावली, गिरी गोर्वधन पूजा व बरद खूंटा त्योहार संपन्न हुआ। लोगो ने बड़ी ही धूमधाम से छोटे छोटे बच्चों के साथ बड़े और महिलाओं ने जमकर आतिशबाजी कर दीपावली मनाई। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों-झालरों से सजाया और पटाखे फोड़कर, मित्रों व रिश्तेदारों में मिठाइयां बांटकर उत्साह के साथ त्योहार मनाया। हर ओर उत्साह और खुशियों के बीच आतिशबाजी का नजारा दिखा। इधर आवासीय काॅलोनी स्थित काली मंदिर में मां काली की प्रतिमा की विधिवत रूप से पुजा अर्चना की गई। लोगों ने अपने अपने घरों में लक्ष्मी पूजा भी किया। घर के दरवाजे पर रंगोली भी बनाकर अपने खुशी का इजहार किया। साथ ही कई जगह जमकर जुए भी खेले गए। जिसमे किसी का दिवाला निकला तो कई जीतकर किस्मत वाले साबित हुए। इसके अलावे रविवार को धूमधाम से गोवर्द्धन पर्व मनाया गया। जिसमे भगवान कृष्ण की पूजा और कई प्रकार के पकवानों का भोग चढ़ाया गया। साथ ही लोगो ने अपने अपने गाय-बैलों को स्नान कराकर, फूल माला, धूप, चंदन आदि से पूजा भी की।गोहाल घर में गोरखिया ने चावल के आटा से बने पीठे को चढ़ाया और गोधन की पूजा की। गायों को मिठाई खिलाकर उनकी आरती भी उतारी गई। दीवाली के अंतिम दिन शुक्रवार को बरदखुटा के रुप में मनाया गया। इस दिन गांव के बीच कुल्ही में एक मजबूत खुटा गाड़ कर उसमें बेल को बांधा गया। बैल को ग्रामीणों द्वारा काफी सुंदर ढंग से सजाया गया एवं विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों को बजाकर बैल के चारों ओर घूम कर नृत्य किया गया। बरद खुटा के अवसर पर कई प्रकार के गीत एवं बजना कर बैल को उकसाया जा रहा था। बाद में काफी उत्सुकता से बैल को बंधन मुक्त कर दिया गया।साथ में बड़े बुजुर्गों ने ढोल नगाड़ा बजाकर झूमर गीत गाते हुए खूब आनंद उठाये।