रैयतों की भूमि को एनजीडीआरएस के प्रतिबंधित भूमि की सूची से अविलंब मुक्त किया जाए :भुवनेश्वर

रांची ही नहीं पुरे झारखंड में आंदोलन किया जायेगा

रांची: सीपीआई के राज्य सचिव सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने रैयतों की भूमि को एनजीडीआरएस के प्रतिबंधित भूमि की सूची से अविलंब मुक्त कराने के संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। गुरुवार को श्री मेहता ने बताया कि एनजीडीआरएस प्रतिबंधित भूमि की सूची को नियमतः सभी उपायुक्तों को एनजीडीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर देना चाहिए था। लेकिन किसी अप्रत्यक्ष लाभ के लालच में वैसे खाता एवं खेसरा नंबर को भी जोड़ दिया गया है। जो कि सभी जांच के बाद राजस्व विभाग के रजिस्ट्रर 2 में काफी लंबे समय से चढ़ाया हुआ है। इसका लगान रशीद भी रैयतधरी के नाम से काट रहा है। इसके बावजूद सूची में अपलोड कर दिया गया है। इस संबंध में सभी उपायुक्तों को भी इसकी जांच कराने के बाद ऐसे भूमि को मुक्त करने की मांग भी की गयी है। लेकिन अब तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे साफ लगता है कि अंचलाधिकारी और उपयुक्त इससे अवैध उगाही करना चाहते है। मेहता ने कहा कि इस संबंध में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त को भी पत्र लिखा था इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने उपायुक्त को इसपर नियम सम्मत कार्रवाई कर कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया गया था , लेकिन फिर भी कोई पहल नहीं हुई। श्री मेहता ने अपनी मांग के विषय में कहा कि 2018 के बाद प्रतिबंधित सूची को ख़त्म कर नया सूची बनवाया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो सिर्फ रांची ही नहीं पुरे झारखंड में आंदोलन किया जायेगा।