कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुलभ, सहज एवं सरल न्याय दिलाना है: न्यायमूर्ति

जिले के मेराल प्रखंड में आयोजित हुआ विधिक सेवा- सह- सशक्तिकरण शिविर
गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा: आजादी के 75वें वर्षगांठ पर मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार को झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान एवं झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के संरक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के सौजन्य से आयोजित संपूर्ण भारत विधिक जागरूकता एवं सामाजिक पहुंच कार्यक्रम के तहत विधिक सेवा-सह- सशक्तिकरण शिविर आयोजित हुआ।
विधिक सेवा-सह- सशक्तिकरण शिविर न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची की गरिमामय उपस्थिति में जिले के मेराल प्रखंड में आयोजित हुआ। मांदर की थाप, स्वागत गान व पारंपरिक लोक नृत्य प्रदर्शन से माननीय का स्वागत किया गया जिसके बाद दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
मौके पर न्यायमूर्ति ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुलभ, सहज एवं सरल न्याय के तरीकों से अवगत कराना तथा उन्हें न्याय दिलाना है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा विशेष प्रयास होना चाहिए कि सभी को समानता का अधिकार मिले, जुडिशियल पदाधिकारी एवं कर्मी आम जनता की समस्याओं को समझते हुए आत्मीयता के साथ उसका समाधान करें। सरकारी कार्यालयों में आम जनों के बैठने की उचित व्यवस्था की जाए तथा उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनके कार्यों का निष्पादन किया जाए। वहीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश्वर मणि ने कहा कि लोगों को सहज न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे जिले भर में इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 2 अक्टूबर से ही किया जा रहा है जो आगामी 14 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत अब तक हमने तकरीबन 500 गांवों में कैंप लगाकर लोगों को कानूनी सुविधाओं से अवगत कराया है तथा आवश्यकता के अनुरूप उन्हें न्याय भी दिलाया गया है। जागरूकता के अभाव में लोग अपनी समस्याओं का सरल समाधान पाने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांगों को नि:शुल्क न्याय की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए 30 अधिवक्ताओं का समूह है जो निःशुल्क केस लड़ेंगे और लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इसके लिए उक्त समुदाय के व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा में संपर्क करना होगा, जहां विधिक सेवा प्राधिकार उनके केस संबंधी मामलों का पूरा खर्च वहन करते हुए उन्हें न्याय दिलाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को अपने अधिकारों से अवगत कराने के लिए ही इस प्रकार के शिविर जिले भर में आयोजित किए जा रहे हैं और हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक गांव में यह शिविर आयोजित किया जाए, ताकि लोग उनके लिए चलाए जा रहे न्याय के सुलभ तरीकों के बारे में जान सके। कार्यक्रम में उपस्थित उपायुक्त श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि वैसे निर्धन, लाचार और जरूरतमंद व्यक्ति जो अपनी समस्याओं को लेकर कोर्ट आने में असक्षम है उन्हें आसानी से न्याय उपलब्ध कराने के लिए ही इस व्यवस्था को अपनाया गया है, जिले वासी निश्चित रूप से उसका लाभ लें।
मौके पर न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा के द्वारा लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया जिसमें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सोनी कुमारी व ललिता कुमारी, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत सिक्की कुमारी व चंचला कुमारी, राष्ट्रीय बचत पत्र के तहत नैना कुमारी व रिमझिम कुमारी को संबंधित योजना से लाभान्वित किया गया। वहीं जेएसएलपीएस की ओर से 22 स्वयं सहायता समूह की दीदियों को बैंक लिंकेज के रूप में 22 लाख रुपए, 201 स्वयं सहायता समूह की दीदीयों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 50 लाख 25 हजार रुपए, 470 स्वयं सहायता समूह की दीदियों को ओटीएमसी के रूप में 14 लाख 10 हजार रूपए व 109 स्वयं सहायता समूह की दीदियों को चक्रीय निधि के रूप में 16 लाख 35 हजार रुपए की राशि सांकेतिक चेक के रूप में वितरित की गई । इसके अलावा मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पेंशन योजना, मनरेगा के तहत जॉब कार्ड, कृषि सेवा के तहत केसीसी, पशुधन वितरण, सहाय शाखा के तहत सहायता राशि व दिव्यांग लाभुकों के बीच दिव्यांग सहायता यंत्र समेत अन्य योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों यथा महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग (जेएसएलपीएस), स्वच्छ भारत मिशन गढवा, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी, श्रम विभाग, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, मनरेगा समेत अन्य विभागों का स्टॉल लगाया गया जहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई साथ-साथ उनकी समस्याओं का भी समाधान किया गया। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश ने गोद भराई व अन्नप्राशन कार्यक्रम में भी भाग लिया साथ ही विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल का भ्रमण भी किया। कोविड-19 मानकों का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा मौके पर कोविड वैक्सीनेशन व टेस्टिंग अभियान भी चलाया गया। इसके साथ ही फलदार पौधों का वितरण भी उपस्थित जनता के बीच किया गया।
आज प्रातः सर्वप्रथम सर्किट हाउस, गढवा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश्वर मणि, उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद माननीय न्यायमूर्ति जिले के श्री बंशीधर नगर पहुंचे जहां उन्होंने अनुमंडलीय न्यायालय श्री बंशीधर नगर व कारावास महदेईया, श्री बंशीधर नगर का निरीक्षण किया। जिसके उपरांत माननीय न्यायाधीश मेराल प्रखंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम विधिक सेवा- सह- सशक्तिकरण शिविर में शामिल हुए। विदित हो कि माननीय सिविल कोर्ट गढ़वा भी पहुंचे तथा न्यायिक पदाधिकारीयों के साथ बैठक भी की ।
मेराल प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा, उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची के अलावा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश्वर मणि, उपायुक्त राजेश कुमार पाठक, पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार झा, उप विकास आयुक्त सत्येंद्र नारायण उपाध्याय, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा राज महेश्वरम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गढ़वा अवध कुमार यादव, सिविल सर्जन गढ़वा, प्रखंड विकास पदाधिकारी मेराल, अंचलाधिकारी मेराल, प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी गढ़वा, न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी, मुखिया, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामीण जनता समेत अन्य उपस्थिति थे।
2.झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा ने शनिवार को यहां महदेईया में निर्मित जेल एवं अनुमंडल कार्यालय परिसर में निर्मित सिविल कोर्ट भवन का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
जेल के निरीक्षण के दौरान श्री भेंगरा ने जेल की सुरक्षा, कैदी कक्ष, वाच टावर, अस्पताल आदि का करीब वस्तुस्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों से मंत्रणा की। इसके बाद वे अनुमंडल कार्यालय परिसर में निर्मित सिविल कोर्ट भवन का निरीक्षण किये। निरीक्षण के क्रम में भवन एवं कैदी कक्ष का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार चौबे ने कोर्ट भवन में न्यायमूर्ति श्री भेंगरा को बुके एवं श्री बंशीधर जी की तस्वीर भेंट कर योगेश्वर श्रीकृष्ण की नगरी श्री बंशीधर नगर में स्वागत किया। तत्पश्चात अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष व पीडीजे योगेश्वर मणि, जिले के डीसी राजेश कुमार पाठक, एसपी अंजनी कुमार झा, एसडीओ आलोक कुमार को भी बुक के एवं श्री बंशीधर जी की तस्वीर भेंट की। अधिवक्ता वीरेंद्र मिश्रा ने न्यायमूर्ति श्री भेंगरा से शीघ्र ही सिविल कोर्ट चालू करने की दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
यहां बताते चलें कि श्री बंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय में सिविल कोर्ट की स्थापना को लेकर सरकार से हरि झंडी मिलने के बाद कोर्ट को शीघ्र चालू करने को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। उसी के निमित्त न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा जेल एवं कोर्ट भवन का जायजा लेने पहुंचे थे।
हालांकि उन्होंने इस बावत कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। निरीक्षण के दौरान पीडीजे योगेश्वर मणि, फैमिली जज अनिल कुमार मिश्रा, जिले के डीसी राजेश कुमार पाठक, एसपी अंजनी कुमार झा, एसडीओ आलोक कुमार, बीडीओ श्रवण राम, पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार, थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।