महासभा के संस्थापक संगठन मंत्री श्रद्धेय प्रधान गागराई के नाम से पथ का हुआ नामकरण

रामगोपाल जेना
चाईबासा : अपने-अपने गाँव के प्राकृतिक स्थल देशाऊली में ग्रामीणों को गोवारि कराने की संदेश को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा , युवा महासभा एवं सेवानिवृत्त संगठन के पदाधिकारियों ने आदिवासी कला एवं संस्कृति भवन के परिसर स्थित हरिगुटू में सामुहिक गोवारि कार्यक्रम में हिस्सा लिये। यह कार्यक्रम महासभा भवन में आश्रय लिये हुए विद्यार्थियों एवं युवा महासभा के प्रमुख लोगों के द्वारा प्रतिदिन प्रातःकाल में कार्यक्रम गोवारि कार्यक्रम होते आ रही है , परंतु तीनों संगठनों के लिए प्रत्येक महीना का प्रथम रविवार को विशेष रूप से सामूहिक गोवारि का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है और इससे सभी ग्राम के ग्रामीणों को प्राकृतिक आस्था के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य है।
इस कार्यक्रम के बाद नेहरू चौक स्थित मयूर होटल से महासभा भवन की ओर जानेवाली सड़क को महासभा के संस्थापक संगठन मंत्री श्रद्धेय प्रधान गागराई के नाम से पथ का नामकरण देकर वोर्ड लगाया गया। इन्होंने आदिवासी हो समाज महासभा की नियमावली एवं उद्देश्य व अन्य लेखन कार्य को अंतिम रूप देने में समर्पित भाव से अतुलनीय योगदान दिया था, जिसके नाम से पथ का नामकरण देकर महासभा टीम द्वारा उपयुक्त स्थान एवं सम्मान दिया गया। इस तरह से राजस्व ग्राम क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी ऐतिहासिक स्थलों व सांस्कृतिक धरोहरों को पूर्वजों का नाम से नामकरण करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से नामकरण अभियान को नेतृत्व कर रहे आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन के पूर्व अध्यक्ष सेलाय हो शैलेन्द्र हेम्ब्रम,महासभा पूर्व महासचिव श्री घनश्याम गागराई, सेवानिवृत्त संगठन अध्यक्ष श्री सुखलाल पुरती, सिदिऊ होनहागा, महासभा महासचिव श्री यदुनाथ तियु , युवा महासभा महासचिव श्री इपिल सामड,जिलाध्यक्ष गब्बरसिंह हेम्ब्रम,सुशील सवैंया,बोयो गागराई,केरसे कलुण्डिया,शंकर सिदू , ओयबन हेम्ब्रम,प्रसन्न बिरूली,अकबर हासदा,लक्ष्मण सामड लक्ष्मण विरूवा,लालसिंह चातोम्बा,जामदार हेम्ब्रम,अशीष कुमार तिरिया,तुलसी बारी,राधिका हेम्ब्रम,पार्वती हेम्ब्रम,हीरामनी पाड़ेया,रामचंद्र जेराई,योगेश्वर पिंगुवा,सुरेश पिंगुवा,संजीव तिरिया आदि लोग थे ।