आपदा से पीड़ित गरीब थाना व अंचल कार्यालय के चक्कर में उलझकर रह गए हैं

मयूरहंड(चतरा)। प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकार द्वारा दी जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मयूरहंड प्रखंड के गरीबों को नही मिल पा रहा है। यास चक्रवात में हुए क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कई तरह की राहत पहुंचाने की घोषणाएं की गई। पर लापरवाह पदाधिकारियों के कारण मयूरहंड प्रखंड क्षेत्र के प्रभावित परिवार थाना व प्रखंड कार्यालय के चक्कर में लाभ से वंचीत रह जा रहे हैं। मयूरहंड प्रखंड में 25 से 27 मई तक लगातार चक्रवात याश के कारण विभिन्न पंचायतों में दर्जनों कच्चे खपरैल मकान गरीबों के ध्वस्त हो गए, जिसमें कई दुसरे के घरों में रह रहे हैं, कई के समक्ष भेजन की भी समस्या उत्पन हो गई है। ऐसे में पीडित परिवारों ने आपदा के तहत क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर प्रभारी सीओ विजय कुमार को आवेदन भी दिया है। परंतु अबतक जिम्मेदार पदाधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पीड़ित परिवारों राहत पहुंचाने का काम नही किया गया। आश्चर्य करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवारों द्वारा दिए आवेदन प्रखंड कार्यालय के शिकायत पेटी में पड़ी है। सरकारी बाबुओं के अलावे चुने गए प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों का हाल तक लेना मुनासिब नहीं समझा। जिसके कारण पीड़ित परिवार कभी थाना तो कभी अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इस विषय पर प्रभारी बीडीओ सह सीओ विजय कुमार ने पुछे जाने पर बताया कि शिकायत पेटी में चार आवेदन आए हैं। जिसमें दो लोग थाना में आवेदन दिए हंै, बाकी लोग नहीं दिए हंै। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चक्रवात के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन कितना इमानदारी से कर रहे हैं।

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