ईचाकडीह के रैयतों ने आक्रोश मार्च निकाल प्रबंधन को सौपा माॅग पत्र

लाइयो: सीसीएल केदलाभूगर्भ परियोजना एवं झारखंड उत्खनन परियोजना के संयुक्त मार झेल रहे मौजा ईचाकडीह के रैयतों का आक्रोश सोमवार को फूट पडा! सैकड़ों महिलाएँ, पुरुष सीसीएल प्रबंधन होश में आओ, गैर रैयत की अब खैर नहीं ,रैयतों को अधिकार देना होगा, गैर रैयत होश में आओ ,हरिजन समाज जिंदाबाद के तख्ती लिए पैदल मार्च करते हुए केयूजीपी एंव जेओसीपी परियोजना कार्यालय पहुंचकर प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा ! मांग पत्र में कहा गया है कि मौजा ईचाकडीह का सारा जमीन वर्षों पहले सीसीएल द्वारा अधिग्रहण किया गया है। लेकिन अभी तक ना ही संपूर्ण मुआवजा मिला और ना ही नौकरी हम रैयतों के जमीन पर सीसीएल का क्वार्टर एवं अन्य सुविधाएं बने हुए हैं ।साथ ही यहां पर सीसीएल के द्वारा बसाये लोगों के द्वारा जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है ।और अतिक्रमण कारी कहते हैं कि यहां का जमीन हमारे पूर्वजों द्वारा खरीदा गया है इसे प्रबंधन सत्यापित करें ।साथ ही प्रबंधन से मांग की गई है कि यदि प्रबंधन नौकरी मुआवजा देने में असमर्थ है तो वह रैयतों का जमीन वापस करें ।साथ ही पीने और कृषि कार्य के लिए पाइप लाइन के द्वारा पानी की आपूर्ति किया जाए ।मौके पर मुखिया प्रतिनिधि देवनंदन रजवार लखन रजवार, चंद्र भानु प्रताप सिंह मुकेश रजवार, जगदीश रजवार ,राजेश रजवार उमेश रजवार गौतम रजवार एवं सैकड़ों रैयत उपस्थित थे।