विधानसभा निवेदन समिति की टीम ने जिले में विकास योजनाओं के प्रगति की ली जानकारी

सरायकेला से भाग्य सागर सिंह की रिपोर्ट

सरायकेला: झारखण्ड राज्य विधानसभा निवेदन समिति की टीम दो दिवसीय दौरे के क्रम जिले में बुधवार को पहुंची थी। टीम के सभापति सह बरही के विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में यह टीम जिले के अधिकारियों सहित बैठक कर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक के बाद सभापति उमाशंकर अकेला ने कहा कि वि स निवेदन समिति के समक्ष पांच मामले आये, जिसमें से तीन सडक से संबंधित, एक मामला लघु सिंचाई व एक मामला खरसावां प्रखंड के कृष्णापुर पंचायत में जल मीनार से संबंधित था। चार मामले खरसावां विधायक दशरथ गागराई द्वारा निवेदन समिति के समक्ष रखा गया था जिस पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक निर्देश दिया गया है। सड़क संबंधी मामलों पर ग्रामीण कार्य विभाग को प्राक्कलन तैयार करते हुए अविलंब स्वीकृति हेतु भेजने को कहा गया जिस पर उन सड़कों के निमार्ण को लेकर विभाग द्वारा किये गये अबतक कारवाई का रिपोर्ट भी सभा पति को दिया गया। सभापति ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा खरसावां प्रखंड के कृष्णापुर गांव में जलमीनार बंद रहने की जानकारी दिया गया था। चाईबासा लघु सिंचाई विभाग के एक कर्मी जो विभाग में पदस्थापित हैं व टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं उनसे सम्बंधित एक मामला था जिस पर कारवाई करने को कहा गया। सभापति अकेला ने कहा कि राज्य में जितने भी अबतक सीएम बने हैं उनसे मौजूदा सीएम काफी अलग हैं। गठबंधन की सरकार की सोच काफी अच्छी है, कोरोना काल में भी विकास की गति धीमी पड गयी थी। अब जोर पकड़ रही है और धीरे धीरे विकास को लेकर आगे बढ रही है। क्षेत्रीय भाषा को लेकर उपजे विवाद पर उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में भोजपुरी एवं मगही भाषा बोली जाती है। उन्हें भी मान्यता दे देने से कोई पहाड टुटने वाला नही है। हमारी मांग है कि मगही व भोजपुरी को भी मान्यता मिलनी चाहीए. राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव द्वारा बिहार में संथाली भाषा को मान्यता नही दिये जाने संबंधी बयान पर कहा कि वहां अन्याय हुआ तो यहां पर भी क्या अन्याय करेंगे। विधानसभा में नमाज कक्ष को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ लोग हौवा क्रियेट कर रहै हैं इसमें कोई बडी चीज नही है। सभी धर्म को हमलोह समान मानते हैं।