सनातन संस्कृति से ही विश्व का कल्याण संभव: गुरुदेव

विश्व हिंदू परिषद रसोइया धमना पंचायत समिति गठित
बरही से बिपिन बिहारी पाण्डेय

बरही (हजारीबाग) : विश्व हिंदू परिषद बरही प्रखंड इकाई के नेतृत्व में रसोईया धमना पंचायत अंतर्गत दुर्गा मंदिर प्रांगण में संगठन विस्तार के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद की एक बैठक आयोजित की गई । बैठक की अध्यक्षता विहिप के प्रखण्ड अध्यक्ष नंदकिशोर कुमार एवं संचालन बजरंग दल सह संयोजक नितेश कुमार ने किया। बैठक में मुख्य रूप से विहिप के जिला सह मंत्री गुरुदेव गुप्ता उपस्थित रहे। बैठक में विहिप की रसोईया धमना स्तरीय पंचायत समिति का गठन हुआ। जिसमें सर्वसहमति से गिरिजा कुमार साव को अध्यक्ष, राजेश रंजन को मंत्री, शंकर कुमार को बजरंग दल संयोजक, जानकी रजक को सत्संग प्रमुख, प्रकाश चौरंगिलाल सह संयोजक, राम प्रकाश प्रजपति को उपाध्यक्ष, सुमन कुमार को सह मंत्री, दीपक कुमार को मिलन प्रमुख, बीरेन्द्र कुमार को सुरक्षा प्रमुख, सोनू पंडित को सामाजिक समरसता प्रमुख, गोपाल साहू को धर्म प्रसार प्रमुख, भवानी प्रसाद को व्यवस्था प्रमुख, अनुज कुमार यादव को गो रक्षा प्रमुख चुना गया। वही संतोष साव, सुरेश राम, टुकलाल साव, परमेश्वर पंडित, हरि यादव, गोविंद साहू, बिनोद राम आदि को अध्यक्ष बनाया गया। सभी नव पदाधिकारियो को शुभकामनाएं देते हुए जिला सह मंत्री गुरुदेव गुप्ता ने कहा भारत एक हो भारत अखंड हो एवं हिन्दू भाइयों में आपसी भाईचारगी का माहौल बने इसको लेकर समाज को जागरूक करना होगा। सनातन संस्कृति के एकत्रीकरण से ही समस्त विश्व का कल्याण संभव है। आज पूरा विश्व सनातन की ओर आस लगाए बैठा है । इसके लिए समस्त हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना होगा और यह कार्य जन जागरण से ही संभव है। जन जागरण से समाज में हो रहे धर्मांतरण ,लव जिहाद एवं लैंड जिहाद जैसी ज्वलंत समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है और सनातन संस्कृति की रक्षा की जा सकती है। आज हर ओर मतांतरण का गंदा खेल खेला जा रहा है। भोले -भाले, सीधे-साधे सनातनियों को लालच और भय दिखाकर ईसाई मिशनरियां धर्मांतरण के कार्य में लगी हैं वहीं दूसरी ओर लव जिहाद एवं लैंड जिहाद के माध्यम से अन्य समुदाय भी सनातन संस्कृति को समाप्त करने में लगा है ।ऐसी स्थिति में हम सभी सनातनियों को एक सूत्र में बंध कर इन विपदाओं का सामना करना होगा और धर्म की रक्षा करनी होगी क्योंकि जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है। गीता में भगवान ने कहा स्वधर्मे निधन श्रेय: परधर्मे भयावह: अर्थात अपने धर्म में मरना श्रेयस्कर है दूसरे धर्म में मृत्यु भी भयावह हो जाती है ।ऐसी स्थिति में हमें अपने भाइयों को धर्मांतरित होने से बचाना भी है। वही एकल अभियान के हिरामन साहू ने कहा कि धर्म से बढ़कर कुछ भी नहीं है ।धर्म आधारित जीवन संस्कारित और अनुशासित होता है। सनातन धर्म ही एक धर्म है बाकी शेष मजहब है। सनातन धर्म सभी प्राणियों से प्रेम और भाईचारा सिखाता है और इससे ही विश्व का कल्याण संभव है लेकिन हमें अहिंसा परमो धर्म के साथ-साथ धर्म हिंसा तथैव च कभी पाठ पढ़ना चाहिए अर्थात हमें शास्त्र ज्ञान के साथ-साथ शस्त्र का भी ज्ञान होना चाहिए ताकि हम अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा कर सकें।मौके पर हिरामन साव, गोविंद साव, हरि यादव, संतोष साव, बीरेन्द्र कुमार, नोरंगी लाल, टुकलाल साव, बिनोद राम, परमेश्वर पंडित, जानकी रजक, कारण कुमार, रामजी शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।