नृत्य-संगीत से भैया-बहनों के व्यक्तिव में होता है चहुँमुखी विकास: प्राचार्य

भामाशाह विद्यालय किया ऑनलाइन एकल नृत्य प्रतियोगिता

बरही संवाददाता

बरही (हजारीबाग): भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरही ने विद्यार्थी बीच ऑनलाइन एकल नृत्य प्रतियोगिता किया। जिसमें बाल वर्ग और किशोर वर्ग के विद्यार्थी भाग लिये। बाल वर्ग में प्रथम परी कुमारी कक्षा (छः ब) एवं सोनाली सिंह कक्षा (छः ब) द्वितीय शिवम सौरभ (सप्तम अ) तृतीय स्थान दिव्या कुमारी (अष्टम ब) तथा गौरव कुमार (छः ब) ने प्राप्त किया। वहीं किशोर वर्ग में प्रथम स्थान दिव्या सिंह (नवम ब) द्वितीय स्थान भाग्य श्री (दशम ब) तथा तृतीय स्थान पायल शर्मा (दशम ब) एवं माही कुमारी नवम ब ने प्राप्त किया। संचालन आचार्य धीरज कुमार व प्रिंस रविशंकर प्रियदर्शी किया। उन्होंने कहा कि नृत्य मानवीय अभिव्यक्तियों का एक रसमय प्रदर्शन है। यह एक सार्वभौम कला है, जिसका जन्म मानव जीवन के साथ हुआ है। कार्यक्रम की भूमिका अमृता देवनाथ व आचार्य सुरेंद्र मंडल ने रखी। विद्यालय के अध्यक्ष गुरुदेव गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से बच्चों का मनोबल व आत्मबल बढ़ता है जिससे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती मिलती है। धन्यवाद ज्ञापन करते प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि नृत्य-संगीत एक कला है। भैया-बहनों के व्यक्तिव के चहुँमुखी विकास के लिए नृत्य की अहम भूमिका होती है।