शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में पीएम आवास के आवंटन एवं निर्माण कार्य में चल रही है धांधली

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला। नगर परिषद गुमला के साथ ही जिले के सभी प्रखंड क्षेत्र में पीएम आवास के आवंटन एवं निर्माण कार्य में जमकर धांधली बरती जा रही है। वहीं सरकारी राशि के आवंटन से लेकर स्वीकृति के नाम पर वार्ड पार्षदों, एवं पंचायतों में वार्ड सदस्य मुखिया एवं जनप्रतिनिधि के साथ ही पीएम आवास के लिए कार्यरत स्वयंसेवक एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा पैसे लिए जा रहे हैं।जानकार सूत्र के लोगों का कहना है कि पीएम आवास के आवंटन में गुमला शहरी क्षेत्र के लोगों से 10 से लेकर 20000 तक पैसा लेकर ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाता है। यही हाल गुमला जिले के सभी प्रखंडों में देखने को मिल रही है। निर्माण के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है।इसके बाद प्रथम किस्त दूसरे के तीसरा के एवं चौथे किस्त के नाम पर लोगों को दौड़ाने का कार्य की जा रही है ।इसके कारण लोगों को आर्थिक परेशानी के साथ ही मजबूरियों के साथ दो चार होना पड़ रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता तेजपाल राम पासवान ने कहा है कि नगर परिषद गुमला के पदाधिकारी एवं वार्ड पार्षदों को जनहित में कार्य करने की जरूरत है लेकिन आवास निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इनकी लापरवाही ठीक नहीं है। इधर झारखंड नवनिर्माण दल के संयोजक विजय कुमार सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली का खेल जिले के सभी पंचायत क्षेत्रों में चल रहा है। इसके खिलाफ में झारखंड नव निर्माण दल के द्वारा अभियान चलाकर लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने कहा है कि सरकार के द्वारा आम जनों की सुविधा के लिए आवास निर्माण का कार्य कराया जा रहा है लेकिन अपने लाभ के लिए जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी लोगों का दोहन कर रहे हैं। मजदूर यूनियन संगठन सीएफटीयूआई के जिला अध्यक्षजुम्मन खान ने पीएम आवास आवंटन एवं निर्माण कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार को इसे पूरी पारदर्शी तरीके से लोगों की सुविधा के लिए राशियों का आवंटन तथा अधिकारी कर्मचारी की देखरेख में आवास निर्माण कार्य पूरा कराने की जिम्मेवारी देनी चाहिए। लेकिन अधिकारी कर्मचारियों की जवाबदेही नहीं होने के कारण पीएम आवास निर्माण कार्य में लापरवाही देखने को मिल रही है।आवास निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा लोगों का भयादोहन किए जाने पर चिंता जाहिर की है।