तीन माह से बंद है होटल-रेस्टोरेंट, परेशान व्यवसायियों का सरकारी निर्णय के खिलाफ कैंडल मार्च

पलामू से उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट

मेदिनीनगर:कोरोना संक्रमण में बीते तीन महीने से होटल-रेस्टोरेंट बंद हैं. ऐसे में इस कारोबार से जुड़े व्यवसायियों की पेरशानी काफी बढ़ गयी है. अन्य राज्यों की अपेक्षा झारखंड में इस दिशा में पहल नहीं होने पर व्यवसायी अब गोलबंद होने लगे हैं और सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है।पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं पलामू चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों ने बैठक की. बाद में सरकार के निर्णय के विरोध में कैंडल मार्च किया.साथ ही मांग कि करोना वायरस से बचाव संबंधित सभी नियम अपनाते हुए जल्द से जल्द होटल एवं रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति दी जाए. व्यवसायियों ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम सब सरकार के साथ हैं, लेकिन अब अपने कर्मचारियों, अपना जीवन यापन, बैंकों का ब्याज आदि का बोझ उठाने में कोई सक्षम नहीं रह गया है।इसलिए सारे लोग इसका विरोध भी जताते हैं. फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रणजीत मिश्रा ने कहा कि आज पूरे राज्य में कैंडल मार्च निकाला जा रहा है, क्योंकि देश के कई राज्यों में होटल खुल चुके हैं, लेकिन झारखंड सरकार ने अनुमति नहीं दी. इससे होटल मालिक एवं कर्मचारियों में असंतोष है.फेडरेशन के अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने फोन पर कहा कि गृह मंत्रालय के गाइडलाइन के बाद देश के कई राज्यों में होटल और रेस्टोरेंट्स खुल गए हैं, लेकिन झारखंड में अब तक इसे संचालन की अनुमति नहीं देने के कारण होटल संचालक एवं इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी कठिनाइयां हो रही हैं।युवा होटल संचालक आकर्ष आनंद ने कहा कि होटल संचालकों की हालात को देखते हुए उन्हें खोलना जरुरी है. सरकार के दिशा-निर्देश को अक्षर से पालन किया जाएगा. इसके चलते होटल व्यवसायियों के साथ आम जनता, जो शादी विवाह या किसी आवश्यक कार्य से कहीं जाने पर उन्हें भी रहने खाने की समस्या झेलनी पड़ रही है. साथ ही यह भी बताया कि 3 माह से अधिक की अवधि में बिना किसी सरकारी सहयोग के अपने कर्मचारियों को हर संभव सहयोग करते आ रहे हैं।बैठक एवं कैंडल मार्च में मुख्य रूप से आलोक माथुर, होटल संचालक अमित आनंद, रितेश कुमार, अमर कुमार, मुकेश सिंह एवं चेंबर पदाधिकारी राजदेव उपाध्याय, फिरोजउद्दीन अंसारी, बद्री अग्रवाल, राकेश सोनी, निलेश चंद्रा, सुधांशु शेखर, डॉ अमित एवं झारखंड चेंबर के उपाध्यक्ष रंजीत मिश्रा उपस्थित थे।