बंदगांव में झारखण्ड आन्दोलनकारी शहीद लालसिंह मुण्ड का 37वां शहादत में दी गई श्रद्धाजंली

निकाली गई रैली, जन सभा का हुआ आयोजन
झारखण्ड अलग राज्य की लडाई में जो शहीद हुए है, उनके परिवार को चिंन्हीत कर उन्हें हक व सम्मान दिया जायेगा : सुखराम उरॉव
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: बंदगांव टोकाद मैदान में सोमवार को झारखण्ड आन्दोलनकारी शहीद लालसिंह मुण्ड का 37 वॉ शहादत दिवस मनाया गया। इस दौरान बंदगांव बैंक के समीप स्थित शासनदिरी पर परिजनो द्वारा पारंपरीक रिती रिवाज के तहत पत्थर को घोया गया एवं पूजा अर्चना किया गया। जिसके बाद ग्रामीणो ने पारंपंरिक हथियार के साथ जुलुस निकाला। जुलुस बंदगांव बाजार स्थित षहीद लालसिंह मुण्डा के प्रतिमा व टोकाद स्थित समाधी स्थल पहुंच कर फूल माला चढ़ा कर दो मीनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धाजंली दी गई। जिसके उपरंत एक जन सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि विधायक सुखराम उरॉव ने कहा कि जिस तरह भगवान विरसा ने भारत देष को आजाद करते हुए स्वतंत्रता की लडाई लडी थी उन्हीं के नक्सा कदम में चलते हुए षहीद लालसिंह मुण्ड ने भी जल जंगल और जमीन की लडाई लडते हुए षहीद हो गये। विधायक ने कहा कि झारखण्ड अलग राज्य की लडाई में जो षहीद हुए है, उनके परिवार को चिंन्हीत कर वर्तमान के झारखण्ड सराकर द्वारा उन्हे मान संम्मान व अधिकार दिया जायेगा।
उन्होने कहा कि 15 नवम्बर झारखण्ड स्थापना दिवस का दिन बंदगांव प्रखण्ड के लिये एैतिहासीक होगा। बंदगांव के संकरा से भगवान विरसा मुण्डा को अंग्रेज द्वारा गिरफतार किया गया था एवं बंदगांव डाकबंगला में उन्हे जहॉ रखा गया था, ये दोनो स्थाल में विरसा जयन्ती के अवसर पर 15 नवम्बर को भगवान विरसा मुण्डा की प्रतिमा स्थापीत की जायेगी। मौके पर झारखण्ड आन्दोलनकारी षहीद लालसिंह मुण्ड के घरम पत्नी जसपीन हमसाय, पुर्व विधायक बाहादुर उरॉव, ष्याम गागराई, राहुल आदित्य, विवके सिंह विक्की, प्रेम मुण्डरी, किस्टोसिंह मुण्डा, तीरथ जामुदा ने भी सभा को संबोधित किया।
300 लोगो के बीच हुआ कंबल का वितरण
षहादत दिवस के मौके पर एक दिब्यांग महिला विरसी मुण्डरी को ट्राई साईकिल दिया गया। वही विधायक सुखराम उरॉव ने बंदगांव के गरीव असहाय 300 लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया।