गंगा उत्सव के तहत रजरप्पा मंदिर परिक्षेत्र में हुआ दीपोत्सव, गंगा आरती, रंगोली, शपथ ग्रहण सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन

रामगढ़ से वली उल्लाह की रिपोर्ट

रामगढ़:: गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने के उपलक्ष में 3 नवंबर तक पूरे देश में मनाए जा रहे गंगा उत्सव के तहत मंगलवार को उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा की अध्यक्षता रामगढ़ जिला के चितरपुर प्रखंड अंतर्गत रजरप्पा मंदिर परिक्षेत्र में दीपोत्सव, गंगा आरती, रंगोली, गंगा शपथ सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने कहा की गंगा एवं उसकी सहायक नदियों तथा अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नमामि गंगे योजना चलाई जा रही है।इसके साथ ही गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने के उपलक्ष में 3 नवंबर तक गंगा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रामगढ़ जिले में भी 3 नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को नदियों तथा अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रजरप्पा मंदिर परिक्षेत्र में दीपोत्सव, गंगा आरती, गंगा शपथ सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन का उद्देश्य लोगों को जल स्रोतों के महत्व एवं उन्हें स्वच्छ रखने में उनके योगदान के प्रति जागरूक करना है जब तक हम सभी मिलकर एक साथ प्रयास नहीं करेंगे तब तक हम हमारे जल स्रोतों को स्वच्छ नहीं रख सकते हैं कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने सभी से इस कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी वेद प्रकाश कंबोज ने नमामि गंगे योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियों को स्वच्छ करना किसी एक इंसान की बात नहीं है इसमें हम सभी का योगदान बेहद जरूरी है। सरकार द्वारा इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है आप सभी से अपील है कि कार्यक्रम में हिस्सा लें एवं इसके उद्देश्यों को पूरा करने में सहयोग करें।

उपायुक्त माधवी मिश्रा ने आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा बनाई गई रंगोली पर दीप जलाकर दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की। उपायुक्त ने आंगनबाड़ी कर्मियों के द्वारा बनाई गई रंगोली की सराहना की।

उपायुक्त ने सभी को अपने क्षेत्र के गंगा के तट को साफ सुथरा रखने एवं वहां रहने वाले अन्य लोगों को भी गंगा को स्वच्छ रखने के प्रति प्रेरित करने, नदियों तथा अन्य जल स्रोतों में कूड़ा कचरा व पॉलिथीन नहीं डालने, हमेशा कपड़े के थैले का प्रयोग करने, अपने घरों के गंदे पानी के निपटान के लिए सोख्ता गड्ढा बनाने, बची हुई पूजा सामग्री व केमिकल से बनी मूर्तियां नदियों तथा जल स्रोतों में विसर्जित नहीं करने, बची हुई पूजा सामग्री को मिट्टी में दबा देने, खुले में शौच के बजाय शौचालय का प्रयोग करने तथा एक बार प्रयोग के बाद फेंक दी जाने वाली वस्तुओं का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई।
स्वागत भाषण जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ असीम कुमार एवं मंच का संचालन प्रखंड विकास पदाधिकारी चितरपुर श्री उदय कुमार ने किया।