प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह एवं राष्ट्रीय पोषण माह के तहत उपायुक्त ने किया जागरूकता वाहन को रवाना

रामगढ़: 1 सितंबर से 7 सितंबर तक चल रहे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं 1 सितंबर से 30 सितंबर तक मनाए जा राष्ट्रीय पोषण माह के उदेश्यों के प्रति जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने जिला समाहरणालय परिसर से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता वाहन के द्वारा जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा राष्ट्रीय पोषण माह के उदेश्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उपायुक्त ने सभी जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं व अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक वर्ष सितंबर के महीने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों को पोषण संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक करना है। 1 सितंबर से 7 सितंबर तक जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह का भी आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य पहली बार गर्भधारण कर रही महिलाओं को उचित आराम तथा पोषण सुनिश्चित करने हेतु उन्हें आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को तीन किस्तों में कुल ₹5000 की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिले वासियों से आग्रह है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) का उद्देश्य

काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करना। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन-पोषण के प्रभाव को कम करना।

योजना के लाभ

इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार निम्नलिखित किश्तों में राशि का भुगतान करेगी।

पहली किस्त: 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय

दूसरी किस्त: 2000 रुपए,यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं ।

तीसरी किस्त: 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है ।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।

1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।

2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, भूमि सुधार उप समाहर्ता मनोज कुमार रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी सह नजारत उप समाहर्ता सौरभ प्रसाद, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।