गढ़वा में झारखंड आंदोलनकारियों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण : पुष्कर महतो

रांची:  झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा,के महासचिव सह प्रवक्ता पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी सरकार के द्वारा आंदोलनकारियों को समान पूर्वक सम्मान नहीं दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आज एक- एक आंदोलकारी स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे है। विशेषकर गढ़वा जिले के झारखंड आंदोलनकारी अलग राज्य बनने के बाद ठगे ठगे व उपेक्षित है।
श्री महतो आज गढ़वा जिला में झारखंड आंदोलनकारियों के साथ मिलने व उनकी समस्याओं को जानने के बाद उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि गढ़वा जिले में वर्षों से प्रतीक चिन्ह/ ताम्र पत्र पड़ा हुआ है। सभी प्रतीक चिन्ह झारखंड आंदोलनकारियों के बीच समान के साथ इस सम्मान को वितरण किया जाना था। लेकिन झारखंड आंदोलनकरियो के बीच वितरण न करके आज तक जिला प्रशासन के कार्यालय के एक भवन पड़ा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार आंदोलकारियों की अपेक्षा बंद करे, और उन्हें मान – सम्मान,नियोजन, पेंशन व पहचान देने का काम करे । झारखंड आंदोलनकारी ही अलग राज्य की बुनियाद है। राज्य के निर्माता है। अलग राज्य के सपने को गढ़ने व साकार करने वाले है। उनके संघर्ष व शहादत को सलाम करने की आवश्यकता है।