कोरोना वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है टीकाकरण, इसलिए टीकाकरण अवश्य लें : उपायुक्त

गुमला जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के समुचित ईलाज हेतु की जाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा बैठक संपन्न

14 मई 2021 से 18 वर्ष से 44 वर्ष के सभी लाभार्थियों का कोविड टीकाकरण जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा संचालित

45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण पूर्व की भांति पंचायत स्तर पर जारी रहेगा

: 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लाभार्थी cowin.gov.in पर जाकर अपना स्व-पंजीकरण कराएं- उपायुक्त

गुमला: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर गुमला जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के समुचित ईलाज हेतु की जाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय प्रकोष्ठ में किया गया।

बैठक में उपायुक्त ने आगामी 14 मई 2021 से 18 वर्ष से 44 वर्ष के सभी लाभार्थियों का कोविड टीकाकरण जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया जाने की जानकारी दी। वहीं उन्होंने बताया कि 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लाभार्थियों का कोविड टीकाकरण पूर्व की भांति जिले के सभी पंचायतों में संचालित किया जाएगा। उन्होंने 18 वर्ष से 44 वर्ष के सभी लाभार्थियों को अपना टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए cowin.gov.in पर जाकर अपना स्व-पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की। साथ ही उन्होंने 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लाभार्थियों को लिर्भीक होकर टीकाकरण लेने हेतु प्रेरित किया।

बैठक में उपायुक्त ने कोरोना काल में निरंतर अपनी सेवाएं देने वाले सभी फ्रंटलाइन कर्मियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया। इस संबंध में उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों के कार्यालय प्रधानों को अपने संबंधित कर्मियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने टीकाकरण से छूटे हुए फ्रंटलाइन कर्मियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण लगवाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है टीकाकरण, इसलिए टीकाकरण अवश्य लें।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर जुड़ी एएनएम नर्स एवं सहिया तथा उनसे संबंधित सभी गाँवों की सूची के आधार पर वहाँ मेडिकल किट तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। इस संबंध में उन्होंने पंजी संधारण कर जिन व्यक्तियों को मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाता है उनका आधार कार्ड संख्या तथा मोबाईल नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने जिले के 300 वैसे गाँव जहाँ लगातार कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं, वहाँ अधिक से अधिक कोविड जाँच कराने तथा पाए जाने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं उपायुक्त ने कोरोना वायरस से लड़ने में टेस्टिंग एवं टीकाकरण को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

बैठक में उपायुक्त ने जिले में उपलब्ध ऑक्सिजन सिलिंडरों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बताया गया कि पूर्व में गुमला जिले में 120 ऑक्सिजन सिलिंडर मौजूद थे, जिसकी संख्या बढ़ाकर वर्तमान में 270 ऑक्सिजन सिलिंडर सदर अस्पताल में अवस्थित जिला कोविड अस्पताल में अधिष्ठापित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला कोविड अस्पताल के 45 बेडों को ऑक्सिजन सिलिंडर के माध्यम से निर्बाध ऑक्सिजन सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पूर्व में 31 ऑक्सिजन कन्सेन्ट्रेटर उपलब्ध थे, वर्तमान में और 08 कंसेन्ट्रेटर प्राप्त किए गए हैं।

उपायुक्त ने ऑक्सिजन बेडों पर ईलाजरत कोरोना संक्रमित मरीजों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि वर्तमान में ऑक्सिजन युक्त बेडों पर 25 कोरोना संक्रमित मरीज ईलाजरत हैं। इसपर उपायुक्त ने ऑक्सिजन युक्त बेडों पर ईलाजरत कोरोना संक्रमितों के उत्तम ईलाज हेतु उनके स्वास्थ्य के स्थिति की निरंतर निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों के उत्तम ईलाज के उद्देश्य से प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसी भी परिस्थिति में कोरोना संक्रमित मरीज को ऑक्सिजन बेड तक न पहुंचना पड़े इसे ध्यान में रखते हुए कोरोना संक्रमित मरीजों को शुरूआती दौर में ही बेहतर ईलाज उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में अपर समाहर्त्ता ने जिले के कुछ प्रखंडों में ट्रूनेट मशीन के माध्यम से कोविड जाँच की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर ट्रूनेट के माध्यम से भी अधिक से अधिक कोविड टेस्ट सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसपर उपायुक्त ने जिन प्रखंडों में कम टेस्टिंग दर्ज किया जा रहा है उन प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को कम हो रहे टेस्टिंग का कारण स्पष्ट करते हुए स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अपर समाहर्त्ता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु उपलब्ध आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इसे प्रतिवेदित करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया।

उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. विजया भेंगरा, डीपीएम स्वास्थ्य जया रेशमा खाखा, स्वास्थ्य विभाग के राजीव व अन्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *