वर्षा जल संचय पर दें ध्यान

नितेश रंजन की रिपोर्ट
पथरगामा: बुधवार को प्रखंड के पिपरा ग्राम में  कैच दी रैन, वर्षा जल का संचय  विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से देव नंदन कुमार महतो ने बताया कि आज पृथ्वी पर जल की कमी हो रही है। इसे पूरा करने के लिए हमें विभिन्न प्रकार के जल संचय के उपाय पर कार्य करना होगा। पेड़, पौधे लगाने होंगे। डोभा, पोखर का निर्माण करना होगा। पानी को बर्बाद नहीं करना होगा। बरसात के पानी के लिए जल संग्रह करने के लिए विभिन्न प्रकार के तालाब, पोखर की खुदाई करनी होगी। तभी हमारा जल का संरक्षण हो सकता है।  मौके पर उपस्थित युवा स्वयंसेवक दीपक कुमार दास ने भी वर्षा जल संग्रह के बारे में बताया। कहा कि समय पर कम बारिश होने का मुख्य कारण पेड़ पौधे की अंधाधुंध कटाई है। गायत्री कुमारी ने कहा कि यदि समय रहते हुए जल की बर्बादी को न रोका गया तो एक दिन पृथ्वी पर जल संकट गहरा जाएगा। मौके पर मिलन कुमार सुमन, कुमार उज्जवल, कुमार झूलन, भवानी कुमारी, मनीषा कुमारी, मुन्ना , हरिशंकर आदि मौजूद थे।

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