वर्चुअव माध्यम से किया गया स्टेट लेवल वनडे ऑटिज्म अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन

रांची:  आज राष्ट्रीय न्यास नई दिल्ली द्वारा दीपशिखा, बाल विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य संस्थान,रांची मैं स्टेट लेवल वनडे ऑटिज्म अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया इस कार्यक्रम में दीपशिखा अकैडमी डायरेक्टर डॉ अलका निजामी,सहायक क्षेत्र निदेशक स्पेशल ओलंपिक झारखंड सतवीर सिंह सहोता, प्रिंसिपल ज्ञानोदय नोबल अकैडमी जमशेदपुर, लीना अदेसरा, नैदानिक ​​मनोविज्ञान विभाग RML PGIMER नई दिल्ली डॉ रूसी,carers worldwide के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल, कार्यक्रम के अतिथि के रुप में उपस्थित हुए कार्यक्रम का संचालन विशेष शिक्षिका अमिता सिंह ने की उन्होंने बतलाया कि प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म डे मनाया जाता है और इस बार का थीम कार्यस्थल में समावेशन है इसके साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ अलका निजामी द्वारा की गई उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में जागरूकता बढ़ी है और समाज और सरकार के सतत प्रयास से ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को समाज में समावेशन हो रही है और इनके लिए कानून भी बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक इन्हें अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिल सके और दीपशिखा लगातार प्रयास कर रही है दीपशिखा में कौंडल प्रोजेक्ट के तहत ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और हस्तक्षेप किया जाता है जिससे वे प्रारंभिक अवस्था में ही उनकी स्थिति में सुधार हो जाती है और वे समाज के मुख्यधारा में जुड़ पाते हैं और इस क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी स्वयंसेवी संस्थाएं झारखंड के प्रत्येक जिले में अर्ली इंटरवेंशन प्रोजेक्ट के तहत काम करने की आवश्यकता है कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए स्पेशल ओलंपिक झारखंड के तहत Baggo game launch किया गया यह गेम के तहत ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को एक अवसर प्रदान करेगा और इनके संज्ञानात्मक विकास के लिए सहायक सिद्ध होगा,लीना अदेसरा ने बताया कि इन बच्चों में सामाजिक समायोजन, मेलजोल तथा बातचीत के अभाव पाया जाता है जिसके कारण वह एकाग्रचित्त हो जाते हैं लेकिन इन बच्चों में बुद्धि लब्धि अधिक होती है उनके कौशलों को पहचान कर उन अवसर प्रदान की जानी चाहिए। डॉक्टर रूसी बतलाया कि इनकी पहचान प्रारंभिक अवस्था में करके अभिभावक को स्वीकार करना चाहिए कि उनका बच्चा ऑटिज्म से ग्रसित है और अधिक से अधिक समाज में समावेशन का मौका देना चाहिए नहीं तो उम्र बढ़ने के साथ-साथ मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि उनकी संस्था carers worldwide निशक्त बच्चों का अभिभावक के लिए वकालत, आर्थिक सशक्तिकरण और समाज के मुख्यधारा में जुड़ने के लिए कार्य कर रही है कार्यक्रम का समापन एक दूसरे को वर्चुअल माध्यम से गुलाल लगाकर की गई और इस कार्यक्रम में प्रमोद कुमार, गोपीका आनंद, विभा कुमारी मनोज कुमार सुदेश अरोरा पॉवेल कुमार, मनोज कुमार कविता गिरी ,निखिल मधुर उपस्थित थे