विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व विधायक बहादुर उरांव के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने दिया धरना

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: गुरुवार को प्रखंड कार्यालय के सभागार में विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व विधायक सह झामुमो केंद्रीय सदस्य बहादुर उरांव के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की गई। जिसका समर्थन उरांव सरना समिति, कुड़ुख भाषा संघर्ष मोर्चा, तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समेत अन्य का रहा। धरना प्रदर्शन के उपरांत पूर्व विधायक श्री उरांव द्वारा राज्यपाल के नाम पत्र सौंपा गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसान विरोधी बताते हुए उनका पुतला दहन किया। मौके पर श्री उरांव ने कहा कि चक्रधरपुर विधानसभा के सभी गांव को आदर्श गांव बनाते हुए उन्हें मूलभूत सुविधाओं से पूर्ण किया जाए। नक्शलवादी को मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर सरकार कार्य करें। वहीं पुलिस अपनी कार्यशैली को बदले तथा आम जनता को बीना मतलब परेशान करना छोड़ दे। वहीं किसानों के विरुद्ध लाए गये तीन कानून को सरकार वापस ले। इस दौरान क्षेत्रीय भाषा कुड़ुख को भी कोल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में शामिल करने तथा जनजाति कुड़ुख भाषा को पुनः पढ़ाई आरंभ करने का मांग किया। इस अवसर पर मुख्य रुप से तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकू, बुधराम उरांव, विद्याधर नायक, उरांव सरना समिति अध्यक्ष रंजीत तिर्की, सचिव रामदास उरांव, शंकर टोप्पो, बबलू लकड़ा, जयद्रत बरहा, बिमल खालखो समेत काफी संख्या में कुड़ुख भाषी विद्यार्थी और अन्य धरना प्रदर्शन में शामिल थे।