आदिवासी बहुल चपरी गांव में ग्रामीणों ने की बैठक

सिरका : रविवार को आदिवासी बहुल गांव चपरी में भू माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों ने की बैठक इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया प्रतिनिधि धनेलाल बेदिया व संचालन सुभाष बेदिया ने किया। धनेलाल बेदिया ने कहा काजू बागान खदान के खुलने से यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा एवं आदिवासी बहुल गांव चपरी में गांव के बाहरी भूमाफिया के द्वारा गैरमजरूआ जमीनों का गलत तरीके से बंदोबस्ती कर लिया है। वही अंचलाधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से लगभग 200 एकड़ जमीन का कागजात बनाकर आदिवासी की जमीन को हड़प लिया है। तथा सरकार को लाखों रुपए का राजस्व का नुकसान हुआ है। इसलिए चपरी गांव के ग्रामीणों ने पुरखों की जमीनों पर जोत, कोड व पशुओं की चरागाह है। चपरी गांव वाले उस जमीन पर सार्वजनिक उपयोग करते आ रहे हैं। और किसी भी हाल में भू माफियाओं को जमीन कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। किसी भी कीमत पर उन्हें अपनी मानसा में सफल नहीं होने दिया जाएगा। रामगढ़ जिला उपायुक्त से आवेदन देकर कब्जा किए गए जमीन को रद्द करने की मांग करूंगा। बैठक में मुख्य रूप से धनेलाल बेदिया, सुभाष बेदिया, शिवदेव बेदिया, उमेश बेदिया, चंद्र बेदिया, परमेश्वर बेदिया, शंकर बेदिया, सरयू बेदिया, इसराइल अंसारी, प्रदीप बेदिया, इमामुल अंसारी, पुणे बेदिया, राजू बेदिया, राजेंद्र बेदिया, अख्तर अंसारी, आदि ग्रामीण शामिल थे।