कोनरा में स्टील फैक्ट्री के समक्ष ग्रामीणों ने दिया धरना

कंपनियां अवैध धुँवा निकालना बंद करें, रैयतों को दे रोजगार : यास्मीन

बरही से बिपिन बिहारी पाण्डेय

बरही : कोनरा बायपास स्थित रियाडा- जियाडा अर्जित भूमि पर संचालित स्टील फैक्ट्रियों से गलत तरीके से निकाला जा रहा धुआं प्रदूषण के खिलाफ एवं रोजगार की मांग को लेकर कोनरा के ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना दिया। ग्रामीणों का नेतृत्व मुखिया मो. ताजुद्दीन व उनकी पत्नी भावी मुखिया प्रत्याशी यासमीन तबस्सुम ने किया। जिसमें काफी संख्या में महिला – पुरुष शामिल हुए। धरना प्रदर्शन में शामिल लोग अपनी मांगों से संबंधित तख्तियों के साथ जमकर नारे बाजी किये। नेतृत्व कर रहे यासमीन तबस्सुम ने कहा कि कोनरा में संचालित लोहा प्लांट अवैध तरीके से काफी मात्रा में धुआं निकलकर यहां का पर्यावरण को दूषित कर रहा है। यहां तक कि धुआं का कार्बन की परत घरों में जम जा रही है। जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।वहीं कहा कि रियाडा द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान रैयतों को रोजगार देने की बात की गई थी, वह भी पूरा नहीं किया गया। अल्पसंख्यक कल्याण के विधायक प्रतिनिधि मो. वारिस अंसारी ने कहा कि कंपनियां बाहर से मजदूर लाकर काम करवा रहे हैं और जबकि यहां के गरीब मजदूर रोजगार से वंचित है। वहीं मुखिया मो. ताजुद्दीन ने कहा कि लोहा फैक्ट्रियों के द्वारा बेतहाशा धुँवा से सभी परेशान हैं। चिमनी का उपयोग नहीं किया जा रहा है। मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद बीसीओ संजय कुमार यादव एवं अंचल कर्मचारियों राजेश कुमार की उपस्थिति में ग्रामीणों ने लोहा फैक्ट्री के प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इस बाबत सृष्टि स्टील एंड एनर्जी कम्पनी के एमडी नेआश्वासन दिया कि आज से इस कंपनी से धुआं व प्रदूषण होने की शिकायत नहीं मिलेगी। रोजगार की मांग सवाल पर कहा कि और भी कम्पनी यहां स्थापित है, जिस अनुपात में वे लोग स्थानीय लोगों को रोजगार दे रहें हैं उसी तरह वे भी स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे। कार्यक्रम के दौरान वहां संचालित दूसरे कम्पनी पवन पुत्र स्टील प्लांट के प्रबंधक से भी भेंट कर ग्रामीणों ने अपनी मांग रखा। जहां प्रबंधक द्वारा आश्वासन दिया कि इस कंपनी का काम फिलहाल शुरुआत दौर में है, जैसे जैसे काम बढ़ेगा, जरूरत के हिसाब से स्थानीय लोगों को रोजगार देने का भरोसा दिया। साथ ही कहा मेरा कम्पनी धुंआ रहित है। धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में महिला पुरुष शामिल थे।