जब विधायक हो गए गलत कोरोना जांच के शिकार

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो/गाहे : बगाहे ये खबर तो आती रहती है कि कोरोना जांच में कितनी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसा ही एक मामला बोकारो में भी सामने आया है जिसमे विधायक को ही जांच में पॉजिटव बता दिया। चंदनकियारी के भजपा विधायक अमर कुमार बाउरी को 9 अगस्त को भजपा के केंद्रीय नेताओ से मिलने दिल्ली लिहाज़ा उन्होंने स्थानीय निजी लैब डॉ लाल पैथ लैब में कोरोना जाँच कराई और फिर 9 अगस्त को दिल्ली के लिए रवाना हो गए, विधायक अभी दिल्ली पँहुचे ही थे कि उन्हें बोकारो सिविल सर्जन ने फोन पर सूचना दी कि आप कोरोना पोसेटिव हो गए है। तब विधायक बिना किसी नेता से मिले बैरंग वापसी टिकट लिया और बोकारो लौट आये। राँची पहुँचने के बाद उन्होंने
फिर से आरटी पीसीआर जांच कराई गई तो विधायक जी की रिपोर्ट नेगेटिव निकली। फिर क्या था विधायक जी गुस्से में डॉ लाल पैथो पर हुए लाल पिले होने लगे। विधायक ने बोकारो सिविल सर्जन से इसकी लिखित शिकायत की है।
अब बोकारो सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र सिंह ने एक टीम बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए है । मालूम हो कि विधायक वेक्सीन की दोनों डोज़ भी ले रखा है।
विधायक एक बार दूसरी लहर में संक्रमित भी हो चुके थे जिसके बाद अब ठीक होने के बाद अपना एंटीबॉडी चेक कराया जो 253 था विधायक ने साथ ही कहा कि हमें कोई लक्षण भी नहीं है न सर्दी है ना खांसी है ना बुखार है ऐसे में हमें पॉजिटिव घोषित लाल पैथलैब के रिपोर्ट के माध्यम से कर दिया गया जबकि दिल्ली में कई सारे केंद्रीय नेताओं से मिलना था भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करनी थी यह हमारा पोलिटिकल यात्रा था लेकिन हमें जब 9 अगस्त को हमें बोकारो सिविल सर्जन के माध्यम से सूचना मिली कि हम कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। हमें दिल्ली से लौटना पड़ा बिना किसी केंद्रीय नेताओं से मिले हुए ऐसे में हमें बहुत मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी क्योंकि बिना किसी से मिले हुए हमें दिल्ली से तुरंत वापस झारखंड के लिए लौटना पड़ा जहां रांची में एक दूसरी लैब से कोरोना के RTPCR जांच कराने के बाद पता चला कि हमारी रिपोर्ट नेगेटिव है ऐसे में बोकारो के लाल पैथलैब जो सेक्टर 4 स्थित सिटी सेंटर में है जिसकी रिपोर्ट पर हमें शक हुआ और उसकी लिखित शिकायत हमने बोकारो के सिविल सर्जन से की ताकि ऐसे पैथोलॉजी लैब पर जांच के बाद उचित कार्रवाई हो। ताकि आगे से कोई मानसिक प्रताड़ना का शिकार ना होने पाए। क्योंकि एक स्वस्थ व्यक्ति को अगर कोरोना जैसे बीमारी बता दिया जाता है जो कि वह नहीं है तो वह बहुत मानसिक प्रताड़ना का शिकार होता है। इस लाल पैथलैब के रिपोर्ट से पिछले महीने हटिया के भाजपा विधायक नवीन जयसवाल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव बता दी गई थी। लेकिन जैसे ही वह दूसरे लैब से आरटीपीसीआर जांच कराएं रिपोर्ट नेगेटिव निकला। भाजपा के चंदनक्यारी विधायक अमर बावरी ने कहा कि ऐसे में लाल पैथलैब की रिपोर्ट में ही गड़बड़ी है । और इस मामले को हम जरूरत पड़ी तो विधानसभा में ही उठाएंगे ताकि कोई भी लैब इस तरह का रिपोर्ट देखकर किसी स्वास्थ्य व्यक्ति के साथ मानसिक प्रताड़ना का खिलवाड़ कर न सके। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ऐसे में चंदनक्यारी विधायक अमर बावरी ने सिविल सर्जन से अपने पत्र के माध्यम से शिकायत की है, जहां जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा ऐसा होना सम्भव नही है ऐसा होने में कम से के एक सप्ताह का समय लगता है।
वही इस बारे में जब लाल पैथलैब के प्रबंधक ने मीडिया में कुछ भी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए।