:जब आप घरों के बाहर हों तो बारिश व वज्रपात के दौरान कभी भी अकेले पेड़ों के नीचे आश्रय न लें : उपायुक्त

उपायुक्त गुमला ने वज्रपात से बचाव हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

गुमला : उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर से आज वज्रपात से बचाव हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम में वज्रपात की चपेट में आने से हर वर्ष गुमला जिले में आम लोगों के साथ-साथ मवेशियों की मृत्यु हो जाती है। अतः वज्रपात के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से आज इस जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। इस जागरूकता रथ के माध्यम से सदर प्रखंड के शहरी क्षेत्रों सहित सुदूरवर्ती ग्रामों में भी जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को वज्रपात से बचाव के तरीकों एवं वज्रपात की जानकारियां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि समुद्र तल से अधिक ऊँचाई पर अवस्थित होने, घने जंगल और आबादी वाले इलाके में लंबे एकल बहुतायत श्रप में वृक्षों के पाए जाने के कारण झारखंड राज्य के पठारी भाग में वज्रपात की घटनाएं अन्य समतली राज्यों कीतुलना में अधिक होती है। उन्होंने वज्रपात को एक जानलेवा प्रहार बताते हुए आमजनों को इससे स्वयं एवं मवेशियों तथा अपने संपत्ति की सुरक्षा के उपायों को साझा करते हुए बताया कि वज्रपात के दौरान जब आप अपने घर के भीतर हों, तब बिजली से चलने वाले यंत्रों को यथाशीघ्र बंद कर दें। खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे तथा छत से दूर रहें। धातू से बने यंत्रों से दूरी बनाएं। कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट की रस्सी का प्रयोग करें। ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहें। यदि घर में हो तो, पानी का नल, टेलिफोन, फ्रिज, टीवी आदि को न छूएं तथा उससे दूर रहें। जब आप घरों के बाहर हों तो बारिश एवं वज्रपात के दौरान कभी भी अकेले पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। यदि दो पहिया वाहन, साईकिल, ट्रक, नौका आदि पर सवार हों तो तुरंत उतरकर सुरक्षित स्थान पर चलें जाएं। वज्रपात के दौरान वाहनों की सवारी न करें। टेलिफोन व जिबली के पोल तथा टेलिविजन टावर से दूर रहें। बिजली की चमक देखकर तथा गड़गड़ाहट की आवाज सुनकर ऊँचे एवं एकल पेड़ों के नीचे नहीं जाएं। तालाब व जलाशयों स दूर रहें। तेराकी कर रहे लोग, मछुआरे आदि अविलंब पानी से बाहर निकल जाएं। वज्रपात के दौरान यदि आप जंगल में हों तो बौने एवं घने पेड़ों की शरण में चले जाएं। गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तुरंत सूखे व सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। वृक्षों, दलदली स्थानों तथा जलस्रोतों से यथासंभव दूर रहें, किंतु खुले आकाश में रहने से अच्छा है कि छोटे पेड़ों के नीचे रहें। उन्होंने लोगों से वज्रपात के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतते हुए मजबूत छत आधारित स्थानों पर आश्रय लेने की अपील की।

ज्ञातव्य है कि आज रवाना किए गए जागरूकता रथ के माध्यम से जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ साथ सभी प्रखंडों एवं गांव-गाँव जाकर लोगों को वज्रपात से बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियों एवं वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

उपस्थिति
जागरूकता रथ की रवानगी के अवसर पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, नजारत उप समाहर्त्ता सिद्धार्थ शंकर चौधरी, उप निर्वाचन पदाधिकारी महेंद्र रविदास, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि व अन्य उपस्थित थे।