जहां होते थे पलायन और लोग डूबे रहते थे नशे में, अब वहां बह रही है विकास की गंगा

समग्र ग्राम विकास परियोजना के तहत 14 गाँव के
अंतिम व्यक्तियों को बनाया जा रहा है स्वावलंबी
सज्जाद आरिफ

दुलमी: दुलमी एवं पतरातु प्रखण्ड के सुदूर गाँव मे जहा लोग पलायन का दंश झेल रहे थे एवं नशे मे डूबे रहते थे वहा अब विकास की गंगा बह रही है। जिससे लोगों में खुशहाली और रोजगार मिलने से लोगों में हर्ष है। जानकारी के अनुसार रामगढ़ जिले के 14 गावों मे केजीवीके एवं एचडीएफ़सी बैंक परिवर्तन के समग्र ग्राम विकास परियोजन के तहत पिछले 4 वर्षो से अनेको विकास के कार्य किए जा रहे है जिसमे ग्रामीणो को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हे स्वावलंबी बनाया जा रहा है।जिससे उनके जीवन मे आर्थिक रूप से बदलाव आ रहा है। किसान खेत पाठशाला के जरिये नए नए कृषि तकनीकी एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस के अलावा बकरी पालन, सुकर पालन, उन्नत धान की खेती (श्री विधि), मशरूम उत्पादन, स्ट्रॉबेरी उत्पादन सहित कौशल विकाश पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत गाँव मे अभी तक निम्नलिखित कार्यो को मूर्त रूप दिया जा चुका है।जिसमे प्राकृतिक संसाधन के क्षेत्र मे 36 नए तालाब निर्माण जिसमे 75 एकड़ सिंचित क्षेत्र है, 75 लो लैंड कूप निर्माण जिसमे 107 एकड़ सिंचित क्षेत्र है, 67 एकड़ मे टपक सिंचाई प्रणाली, 1 चेक डैम का निर्माण जिसमे 14.5 एकड़ सिंचित क्षेत्र है।सिंचाई नाली 1300 रनिंग मीटर, 1 सौर आधारित लिफ्ट इरीगेशन, 108 सौर आधारित स्ट्रीट लाइट आदि लगवाए गए हैं। दूसरी ओर कौशल विकाश एवं आजीविका वर्धन के क्षेत्र मे 583 एकड़ मे श्री विधि से धान की खेती, 14 किसान खेत पाठशाला, 5 एकड़ मे स्ट्रॉबेरी की खेती, 857 किशोरियों के बीच पोशाक वाटिका, 1195 परिवारों के साथ मशरूम उत्पादन, 128 तालाबो मे मछ्ली पालन, 182 केंचुआ खाद शेड का निर्माण, 84 पशु जाँच शिविर, 115 परिवार के साथ सुकर पालन, साथ ही सभी गतिविधियो के ऊपर प्रशिक्षण समय समय पर दिया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र मे 6 विद्यालयो मे रंगरोगन, स्मार्ट क्लासरूम एवं फ़र्निचर की वयवस्था की गयी, 5 विद्यालयो मे पीने के पानी की वयवस्था की गयी एवं 3 विद्यालयो मे शौचालय का निर्माण किया गया। सभी विद्यालयो मे हैंडवास एवं थिएटर इन एडुकेशन के जरिये बच्चो का विकाश किया जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के क्षेत्र

21 सौर आधारित जलमीनार का निर्माण, 126 चपानल मरम्मती, 6 महिला स्नानागार का निर्माण, 18 अगनवाड़ी केंद्रो का रंगरोगन, फ़र्निचर, स्ट्रेचर एवं खेल सामाग्री प्रदान की गई। सभी गावों मे 56 मानव स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमे किशोरियों का हेमोग्लोबिन एवं महिलाओ का सामान्य जाँच, शुगर की जाँच, आंखो की जाँच किया गया। ग्रामीण किशोर एवं किशोरियों के बीच समय समय पर खेलकुद प्रतियोगिता का आयोजन तथा खेल सामग्री का वितरण किया जाता है।

इन गावों मे हो रहा है विकास का कार्य

रामगढ़ जिला के अंतर्गत 14 गावों पतरतू प्रखण्ड के कच्चूदाग, कंडेर, सिउर एवं सिधवारकला, रामगढ़ प्रखण्ड के दोहाकातु, बनखेता, गंडके, लोलो एवं बूढ़ाखुखरा तथा दुलमी प्रखण्ड के गोडातु, उसरा, कुसुंभा, भैपुर एवं जामसिंघ गावों मे परियोजना द्वारा विकास के कार्य किए जा रहे हैं।

परियोजना का उद्देश्य

परियोजना प्रबन्धक सोमेन महतो ने बताया की गावों मे मूलभूत सुविधावों के साथ साथ ग्रामीणो को विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाना ताकि अंतिम व्यक्ति का आर्थिक विकास हो सके। उन्होंने बताया कि इन गावों मे 5 एकड़ मे स्ट्रोबेर्री की खेती, बटन एवं ओएस्टर मशरूम उत्पादन, 8 जलमीनार निर्माण, सुकर पालन, बकरी पालन, 6 विद्यालयो मे पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला आदि कार्य किया जाएगा।