प्रेमचंद उधम सिंह एवं रफी को दी गई शब्द-स्वरांजलि

गोड्डा: स्थानीय इंडोर स्टेडियम में शनिवार की शाम जिला खेल-कूद, कला संस्कृति एवं पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार की अध्यक्षता एवं जिला कला-संस्कृति संयोजक सुरजीत झा के संयोजन में “शब्द-स्वरांजलि” कार्यकम का आयोजन हुआ। कारगिल विजय दिवस सप्ताह, कथा-सम्राट प्रेमचंद जयंती, स्वर-सम्राट मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि एवं शहीद सम्राट उधम सिंह की पुण्यतिथि पर कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सीमित उपस्थिति में तीन चरणों मे आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि के साथ किया गया। इसके पश्चात रेनबो म्यूज़िकल ग्रुप की सबसे कम उम्र की गायिका अपराजिता राय द्वारा गाये गीत “ए मेरे वतन के लोगो” के माध्यम से कारगिल के शहीदों को स्वरांजलि से हुआ। रेनबो के गायकों में से रेनबो के सचिव मनीष सिंह, कौशल किशोर मिश्रा, कौशल किशोर झा उर्फ प्रिंस, मिथिलेश कुमार, अंकिता दुबे, जूही वत्स, अपराजिता रॉय, खुशी कुमारी, विनीता झा, समरजीत श्रीराज एवं मनीष कुमार के द्वारा सामूहिक रूप से गाये देशभक्ति गीत “मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू” से वीर उधम सिंह को स्वरांजलि दी गयी।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रसिद्ध साहित्यकार शिव कुमार भगत एवं मंजुल कुमार दास ने तीनों विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिवकुमार भगत ने प्रेमचंद को प्रथम प्रगतिशील लेखक बताते हुए उनकी कालजयी रचनाओं की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और तमाम रचनाओं को समाज का शिक्षक बताया। श्री दास ने तीनों विभूतियों को देश की गौरवशाली गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतिनिधि प्रहरी बताया। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में डीएसओ श्री कुमार ने गोड्डा के कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुति की खूब तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान ईसीएल की राजमहल परियोजना के वरीय पदाधिकारी व मशहूर गजलकार सुशील कुमार साहिल ने अपने शेर एवं गजल की प्रस्तुति से खूब शमा बांधा। कार्यक्रम का संचालन मनीष सिंह ने किया।धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राष्ट्रीय विभूति मंच के संयोजक राजेश झा ने तीनों महापुरुषों की जीवनी को पढ़ने और उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी। इस अवसर पर लोकमंच सचिव सर्वजीत झा, रेनबो के संरक्षक समीर दुबे, अमित राय व धनंजय त्रिवेदी, ला वेल एकेडमी के निदेशक द्वय अमिताभ मिश्रा एवं अजिताभ मिश्रा, कला जगत से जुड़े अखिल कुमार झा, आशुतोष झा, शिवेन्द्र झा, सुभाषचंद्र दास, निखिल झा, सुहित दुबे, जनार्दन राय “मधु”, किरण कुमारी, अमित सिंह, एनके ठाकुर, अमित कुमार झा “बिट्टु”, रमन कुमार झा, गौरव झा, पंकज यादव, आदित्य कुमार राय एवं दयाशंकर की उपस्थिति प्रमुख रही।