गांधी एवं शास्त्री के जयंती के अवसर पर आयोजित की गई कार्यशाला

25 सफाई कर्मियों को प्रशस्ति पत्र व अंग वस्त्र देकर किया गया सम्मानित

गढ़वा : 2 अक्टूबर को गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के अवसर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जिला परिषद सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। उक्त कार्यशाला का प्रारंभ दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।

मौके पर नगर परिषद गढ़वा व समाहरणालय संवर्ग के सफाई कर्मी ओंकार राम, सुशील राम, मुन्नी देवी, सन्नी कुमार व चंपा कुमारी समेत कई सफाई कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र व अंग वस्त्र देकर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी साकेत कुमार पांडेय व जिला खेल पदाधिकारी तूफान कुमार पोद्दार के द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा उक्त अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के बीच पेंटिंग व भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई तथा बच्चों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जीवनी से भी अवगत कराया गया।

मौके पर उपस्थित जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा कि बापू के स्वच्छता के मंत्र को सिद्ध करने वाले यह सच्चे सिपाही हैं। इनकी वजह से ही हमारे आसपास स्वच्छता रहती है । उन्होंने लोगों को महात्मा गांधी के सुविचारों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांधी जी सत्य और अहिंसा के पथ पर चलने वाले महान व्यक्तित्व थे। ऐसे व्यक्तित्व को अगर आम इंसान अपना लेता है तो हमें समाज में एक बेहतर बदलाव देखने को मिल सकता है। लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों, उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से भी प्रेरणा लेने की जरूरत है।

वहीं जिला खेल पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन काल का एक महत्वपूर्ण समय हमारे देश को आजाद कराने में लगा दिया। उन्होंने अहिंसा तथा सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने मौके पर मौजूद सफाई कर्मियों को बधाई दी तथा कहा कि आप लोग एक आम कार्य से जुड़े हैं। आप लोगों की वजह से हमारे आसपास स्वच्छता रहती है तथा हम बीमारियों से दूर हैं।

कार्यक्रम के दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अंकिता द्विवेदी ने कहा कि गांधीजी तथा हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री हमारे देश के इतिहास में एक अहम किरदार है। जहां एक ओर महात्मा गांधी ने हमें सत्य और अहिंसा के साथ अपने जीवन पथ पर चलना सिखाया है वहीं दूसरी और लाल बहादुर शास्त्री ने हमें सादगी, सजगता और सरलता से अपने कार्यों को करने का पाठ पढ़ाया है। श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का नारा जय जवान, जय किसान आज भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करता है।